भोपाल: मध्यप्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए घोषणा की कि उड़द की फसल पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के उड़द उत्पादक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर भुगतान योजना का लाभ प्रदान किया गया, उसी तर्ज पर अब सरसों की फसल को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इससे सरसों उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई मिल सकेगी और उन्हें उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।इसके साथ ही राज्य सरकार ने चना, मसूर और तुअर जैसी दलहनी फसलों की खरीदी प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के अंतर्गत किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इन फसलों की सरकारी उपार्जन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को बाजार में कम दाम मिलने की समस्या से राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा को भी दोहराया और कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर निर्णय ले रही है। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
