‘देवदास’ से ‘ब्लैक’ तक यादगार फिल्में देने वाले संजय लीला भंसाली आज यानी 24 फरवरी को 63 साल के हो गए। इस मौके पर चलिए उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बाते जानते हैं…
बॉलीवुड में अपनी अलग और भव्य पहचान बनाने वाले निर्देशक संजय लीला भंसाली का जन्म 24 फरवरी 1963 को हुआ था। भारतीय सिनेमा को विजुअल ग्रैंडियर और भावनात्मक गहराई देने वाले भंसाली आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसे में चलिए उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास पहलू जानते हैं…
अभी भी अकेले हैं भंसाली
दरअसल, संजय लीला भंसाली अपने करियर में वह पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 11 फिल्मफेयर अवॉर्ड और साल 2015 में पद्म श्री सम्मान भी हासिल कर चुके हैं। लेकिन अपनी फिल्मों में गहरी और अक्सर अधूरी प्रेम कहानियां दिखाने वाले भंसाली की निजी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही रही है। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुद स्वीकार किया था कि वह अब भी सिंगल हैं और एक साथी की तलाश में हैं।
हालांकि, उनका नाम मशहूर कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट के साथ जुड़ा था। दोनों की मुलाकात 1999 में फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के सेट पर हुई थी। खबरें तो यहां तक थीं कि साल 2008 में दोनों शादी करने वाले थे और सगाई भी हो चुकी थी, लेकिन आपसी मतभेदों के चलते रिश्ता टूट गया। इसके बाद भंसाली ने कभी शादी नहीं की।
संघर्ष से भरा रहा निर्देशक का बचपन
साउथ बॉम्बे के भुलेश्वर में एक गुजराती जैन परिवार में जन्मे भंसाली का बचपन संघर्षों में बीता। उनकी मां लीला भंसाली घर चलाने के लिए कपड़े सिलती थीं। यही वजह है कि भंसाली आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। वह घर में गुजराती भाषा बोलते हैं और गुजराती खाना पसंद करते हैं। उनकी बहन बेला भंसाली सेगल भी फिल्म निर्देशक हैं।
मल्टी-टैलेंटेड हैं फिल्ममेकर
आपको बता दें कि संजय लीला भंसाली सिर्फ निर्देशक ही नहीं, बल्कि निर्माता, पटकथा लेखक, एडिटर और म्यूजिक कंपोजर भी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विधु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के तौर पर की और ‘परिंदा’ व ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों में काम किया।
बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ थी। इसके बाद ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘देवदास’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। ‘देवदास’ को बाफ्टा अवॉर्ड के लिए भी नामित किया गया था। हालांकि ‘सांवरिया’ और ‘गुजारिश’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं, लेकिन उनकी फिल्मों का विजुअल स्टाइल और म्यूजिक आज भी अलग मुकाम रखता है।
