ग्वालियर: ग्वालियर चंबल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए वित्त वर्ष की शुरुआत झटके वाली हो सकती है। प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों ने आगामी 1 अप्रैल से टैरिफ में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। यदि आयोग इस प्रस्ताव पर मुहर लगाता है, तो आम आदमी की रसोई से लेकर उद्योगों के बजट तक, सब कुछ प्रभावित होना तय है।
पावर मैनेजमेंट कंपनी ने अपनी याचिका में लगभग 6,044 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे का हवाला दिया है। कंपनियों का कहना है कि कोयले की कीमतों में अस्थिरता, परिचालन व्यय में वृद्धि और पुराने वित्तीय घाटों की भरपाई के लिए 10.19 प्रतिशत की औसत वृद्धि अपरिहार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कंपनियां न केवल यूनिट की दरें बढ़ाना चाहती हैं, बल्कि फिक्स्ड चार्ज में भी इजाफा करने की फिराक में हैं, जिससे कम बिजली खर्च करने वाले परिवारों पर भी बोझ बढ़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार के टैरिफ प्लान में स्लैब के सरलीकरण के नाम पर मध्यम वर्ग को निशाना बनाया जा सकता है। वर्तमान में प्रचलित 151-300 यूनिट वाले स्लैब को खत्म कर उसे सीधे उच्च श्रेणी में मर्ज करने का प्रस्ताव है। इससे वह वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा जो एयर कंडीशनर या कूलर का सीमित उपयोग करता है। उनका बिल सीधे 12 से 15 प्रतिशत तक उछल सकता है।
