भारतीय डाक आधुनिक लॉजिस्टक कंपनी जैसा होगा, 24 घंटे में पार्सल, डाक पहुंचाने की नयी ब्रांडेड सेवाएं जल्द

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (वार्ता) भारतीय डाक परिचालन के अपने सभी क्षेत्रों को आय में वृद्धि तथा लागत पर लगाम लगा कर 2029-30 तक लाभ में लाने के लिए एक पेशेवर लॉजिस्टिक्स कंपनी की तरह नयी प्रौद्योगिकी, नये उत्पाद और सेवाओं के साथ अपने को बाजार में नये कलेवर के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी में है।

भारतीय डाक शीघ्र ही छह प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलूरु के लिए 24 घंटे में पार्सल गंतव्य तक पहुंचाने की ‘24 स्पीड पोस्ट पार्सल’ सेवा शुरू करने जा रहा है। इसी तरह डाक सेवा के क्षेत्र में ब्रांडेड ‘48 स्पीड पोस्ट’ और ‘24 स्पीड पोस्ट’ सेवाएं शुरू करने की तैयारी मुकम्मल है।

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में भारतीय डाक ने अगले कुछ सप्ताह में अपनी पार्सल और पत्र सेवाओं को नये रूप में प्रस्तुत करने के साथ- साथ अंतरराष्ट्रीय स्पीड पोस्ट, एमएसएमई इकाइयों के लिए डाक निर्यात केंद्र सुविधा (डीएनके) के विस्तार तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैकिंग सुविधा वाली पैकेट सेवा (आईटीपीएस) का पैमाना बढ़ाने की योजना बनायी है। भारतीय डाक जीवन बीमा सेवा का भी डिजिटलीकरण करेगा।

श्री सिंधिया ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से डाक विभाग को अपने मन का विभाग बताते हुए कहा कि यह विभाग प्रधानमंत्री के विकसित भारत के मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है और इसके लिए इसे एक आधुनिक व्यावसायिक लॉजिस्टिक्स कंपनी के रूप में काम करना होगा। उन्होंने कहा, “हम पार्सल, मेल, बीमा, जन सुविधा सहित कारोबार के सभी छह विभागों के परिचालन का विस्तार करके और खर्चों पर अंकुश लगा कर इन्हें 2030 तक लाभदायक क्षेत्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं। ”

विभाग अपनी सेवाओं के ‘लोगो और ब्रांडिंग’ को स्थापित करने के साथ फ्रांसीसी डाक सेवा ‘ला पोस्टे’ से बिजनेस प्रासेस रीइंजीनियरिंग, ब्रिटेन के रायल मेल से स्मार्ट कॉकर और जापान पोस्ट से आटोमेटिक पार्सल/ डाक छंटायी सेवा को अपनाने की पहल की है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे श्री सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग लगभग 1.65 लाख डाकघरों और 4.5 लाख से अधिक कर्मचारियों के माध्यम से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का वार्षिक व्यय लगभग 35,000 करोड़ रुपये है, जबकि फिलहाल राजस्व लगभग 13,000 करोड़ रुपये है। संचार मंत्री ने कहा, “ आय में 22-24 हजार करोड़ रुपये की इस कमी को कारोबार के विस्तार से ही पूरा किया जा रहा है। ”

उन्होंने इस कार्य में डाक कर्मियों विशेष रूप से ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले तीन तिमाहियों में भारतीय डाक के विभिन्न व्यवसायों की आय नौ प्रतिशत बढकर 10,211 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। उम्मीद है कि इस वर्ष इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। चालू वित्त वर्ष में नागरिक केंद्रित सेवाओं की आय सालाना आधार पर 95 प्रतिशत से अधिक तेजी से बढ़ी है, जबकि डाक बीमा, पार्सल और कुछ अन्य सेवाओं में परिचालन आय की वृद्धि पहली तीन तिमाहियों में करीब 11 से 14 प्रतिशत की दर से वृद्धि दिखी है।

उन्होंने कहा, “ भारतीय डाक को एक आधुनिक व्यावसायिक लॉजिस्टिक्स कंपनी की तरह परिचालित करने के लिए आधुनिक प्राैद्योगिकी अपनायी जा रही है। इसके लिए हमने अन्य कंपनियों की तरह मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) नियुक्त किया है, साथ में उसके नीचे छह अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए (सहायक सीटीओ) नियुक्त किये गये हैं।

श्री सिंधिया ने बताया कि छह टीयर-1 शहरों और मेट्रो शहरों में ‘24 स्पीड पोस्ट पार्सल’ सेवा के लिए पायलट के आधार परीक्षण किये जा चुके हैं और डिलीवरी 95 प्रतिशत से अधिक बार समय के अंदर की गयी है। इस सेवा के संभावित ग्राहकों में अमेजॉन, शिपरॉकेट जैसी कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं। इस सेवा में एक छोर से दूसरे छोर तक की सुविधा (ई2ई) प्रदान की जाएगी और सामान की पैकेजिंग डॉक और सेवकों के लिए विशिष्ट पहचान के बैग दिये जाएंगे। स्पीड पोस्ट पार्सल सेवा के तहत डाक विभाग 5.97 करोड़ पंजीकृत पार्सल और व्यावसायिक पार्सल बुक कर चुका है।

उन्होंने कहा कि ‘24 स्पीड पोस्ट सेवा’ में डिलीवरी कर्मियों को अंतिम छोरों तक पहुंचने के लिए मेट्रो शहरों में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें दी जाएंगी। दूर दराज में ड्रोन के प्रयोग के लिए पायलट परियोजनाएं चलायी जा रही हैं।

श्री सिंधिया ने बताया कि भारतीय डाक ने ‘स्पीड पोस्ट इंटरनेशनल’ के लिए बीच और अंत के रास्तों के लिए कुरियर कंपनियों से भागीदारी कर रहा है। भारी सामान के लिए सीधी लाइन और वाणिज्यिक चैनलों का प्रयोग किया जाएगा। भारत डॉक अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा अंतरराष्ट्रीय ट्रैक्ड पार्सल सेवा (आईटीपीएस) के लिए शिपरॉकेट कंपनी के साथ परीक्षण कर रहा है। इसमें हर रोज करीब एक जार पैकेट भेजे जा रहे हैं।

एमएसएमई निर्यातकों के लिए 1000 से अधिक डाक निर्यात केंद्र (डीएनके) चिह्नित कर वहां डाक से निर्यात पार्सल भेजने की सुविधा करायी गयी है। चालू वित्त वर्ष में 31 जनवरी तक 135 देशों को 303 करोड रुपये मूल्य के निर्यातक की 13 लाख खेपें भेजी गयी थीं।

भारतीय डाक ने नागरिक सुविधा केंद्रित सेवाओं (सीसीएस) कारोबार के तहत एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड और इंडिया (एएमएफआई) और उनके लिए डाकियों के माध्यम से केवाईसी प्रमाणन सुविधा, बीएसएनएल के साथ सिमकार्ड और रिचार्ज सेवा देने का समझौता तथा एमएसएमई उद्यमों के सम्पर्क पते की पुष्टि के लिए सिडबी के साथ समझौते किये हैं।

देश में 1884 से डाक जीवन बीमा योजना चला रहा भारतीय डाक देश की पूरी आबादी के लिए एक जीवन बीमा उत्पाद लाने की तैयारी में है। निम्न प्रीमियम और उच्च बोनस वाले इसके जीवन बीमा कारोबार में वित्त वर्ष 2023-24 में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी, जबकि पूरे उद्योग की वृद्धि छह प्रतिशत थी। श्री सिंधिया ने बताया कि भारतीय डाक अपने बीमा कारोबार में प्रक्रियाओं को सुधार रहा है और डिजिटलीकरण पर फोकस है। इसके बीमा कारोबार का 70 प्रतिशत काम 2028-29 तक डिजिटलीकृत हो जाएगा, जो अभी नौ प्रतिशत ही है। भारतीय डाक के बीमा कारोबार के तहत प्रबंधनाधीन परिसम्पत्तियां 2.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गयी है।

संचार मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक लगभग 38 करोड़ डाकघर बचत बैंक खातों का प्रबंधन कर रहा है, जिनमें लगभग 22 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 3.8 करोड़ रुपये सुकन्या समृद्धि योजना खातों में लगभग 2.27 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। भारतीय डॉक अपने विशाल नेटवर्क के माध्यम से सरकार के वित्तीय समावेशन में बड़ी भूमिका निभाता आ रहा है।

उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के पास 30 नवंबर 2025 तक 12.91 करोड़ खाते थे, जिनके माध्यम से 35000 करोड़ रुपये के भुगतान किये गये थे।

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