
उज्जैन। मध्य प्रदेश पुलिस ने आगामी सिंहस्थ–2028 की तैयारियों के तहत सोमवार को उज्जैन स्थित होटल अंजुश्री में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार का उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक रणनीति तैयार करना था। वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित चुनौतियों, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, बल की तैनाती तथा लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।
सेमिनार का उद्घाटन डीजी, ईओडब्ल्यू उपेंद्र जैन ने किया। उन्होंने वर्ष 2004 के सिंहस्थ के दौरान सामने आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अत्याधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। यह कार्यक्रम प्रयागराज कुंभ मेला के अनुभवों पर आधारित प्रशिक्षण अवधारणा के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ आईपीएस एवं एडीजी स्तर के अधिकारियों को फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया।
एडीजी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि डीआईजी (विशेष शाखा) तरुण नायक ने तैयारी के आधार के रूप में “4-एस मॉडल” शेयरिंग, सेंसिटाइजेशन, सिनर्जी और स्ट्रैटेजी की विस्तार से व्याख्या की।
सेमिनार में सिंहस्थ 2004 और 2016 के अनुभवों की समीक्षा करते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और हजारों पुलिसकर्मियों के ठहराव की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई के विशेषज्ञों ने पुलिस बल के सॉफ्ट स्किल्स और संवेदनशीलता पर भी प्रस्तुति दी।
कुल 52 वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी वाला यह सेमिनार वर्ष 2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
