जबलपुर: भारतीय पासपोर्ट से जुड़े मामले में एटीएस ने पांच और अफगानियों को गिरफ्तार किया है। पांचों आरोपियों को कोलकाता से पकडक़र शहर लाया गया जिन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद 25 फरवरी तक रिमांड में लिया गया है । इसके साथ ही आरोपियों से फर्जीवाड़े से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है जिसमेें नए खुलासे होन की उम्मीद है। फर्जीपासपोर्ट से जुड़े मामले में आरोपियों के अफगानी, पश्चिम बंगाल- तालीबानी, छत्तीसगढ़ मूवमेंट पर भी जांच चल रही है। जाली भारतीय पासपोर्ट बनाने के मामले मेंं कई रडार में है। फर्जी दस्तावेज बनाकर देने के मामले की जांच में कई और नए चेहरे बेनकाब हो सकते है । आरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ चल रही है।
2025 में एके 47, सोहबत से जुड़ी थी चैन-
विदित हो कि एटीएस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से जबलपुर में रह रहे घुसपैठियों पर 31 जुलाई 2025 में एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। घुसपैठियों के मूवमेंट का पर्दाफाश किया था। दस साल से जबलपुर में रहे अफगानियों को पकड़ा गया था जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से रहे थे। 2025 में एटीएस ने जबलपुर से अफगानी नागरिक सोहबत खान पिता बदरुद्दीन खान को गिरफ्तार किया था। सोहबत विगत लगभग 10 वर्षों से अवैध रूप से जबलपुर में रह रहा था इसके अलावा उसने स्थानीय महिला से निकाह भी कर लिया था। अफगानी नागरिक की एके 47 के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसके बाद जांच पड़ताल के बाद अफगानी मूवमेंट निकला। सोहबत के पकड़े जाने के बाद आरोपियों की चैन लंबी हुई। कडिय़ां जुड़ती गई और आरोपियों की संख्या बढ़ती गई थी।
अब इन्हें दबोचा गया
सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने रजा खान, सुल्तान, जिया उल रहमान, सैयद मोहम्मद, जफर खान को कोलकाता से दबोचा है। आरोपी कई साल पहले अवैध रूप से भारत आए थे। इसके बाद कोलकाता चले गए थे।
ये पूर्व में पकड़े गए थे
एटीएस को 20 अफगानी युवकों की जानकारी मिली थी। इसके बाद एटीएस ने अफगानी नागरिक मोहम्मद अकबर 53 वर्षीय, इकबाल पिता असलम खान 27 वर्ष समेत मददगार चंदन सिंह ठाकुर पिता अमर सिंह ठाकुर निवासी शंकर शाह नगर रामपुर छापर समेत दिनेश गर्ग पिता श्रवण कुमार गर्ग, 40 वर्ष विजय नगर, महेंद्र कुमार निवासी कटंगा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
आरोपित अफगानियों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाते थे। एटीएस की जांच में यह बात सामने आई कि दस्तावेज बनवाने से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन करवाने एवं पोस्ट ऑफिस से पासपोर्ट हासिल करवाने के एवज में धन राशि दी गई है। एटीएस को भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए लगभग 10 लाख रुपये के लेन देन की जानकारी मिली। जिसमें वन विभाग के वनारक्षक और कलेक्ट्रेट में चुनाव सेल कार्य कर रहे दिनेश गर्ग और फर्जी अधिवक्ता चंदन सिंह की जाली दस्तावेजों को बनवाने से लेकर पाटसपोर्ट बनवाने में अहम भूमिका रही।
