इंदौर: में बढ़ते अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी (ड्रग माफिया) ने शहरवासियों को चिंता में डाल रखा है. इंदौर देश के सबसे साफ शहर (नंबर 1) के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन आपराधिक गतिविधियों, विशेषकर नशीले पदार्थों (एमडी ड्रग) की तस्करी और युवा पीढ़ी में नशे की लत ने पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कई ठोस कदम उठाए हैं और कुछ बड़ी कार्रवाई भी की हैं, लेकिन पुलिस के लिए यह चुनौती बढ़ती जा रही है.
इंदौर शहर देश में स्वच्छता के मामले में लगातार 8 बार से नंबर वन का स्थान हासिल कर चुका है और ग्रीन सिटी के रूप में भी पहचान बना रहा है. यातायात सुधार के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है, लेकिन दूसरी ओर शहर में बढ़ते अपराध चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. महिला उत्पीडऩ और दुराचार के मामलों में वृद्धि हो रही है. मादक पदार्थों का अवैध कारोबार, वसूली-रंगदारी और गुंडागर्दी जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं. वहीं नशा माफियाओं की बढ़ती सक्रियता से खासकर युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है. जागरूक नागरिकों का मानना है कि जिस तरह स्वच्छता और यातायात में सख्त नीति अपनाई गई, उसी तरह अपराध नियंत्रण के लिए भी ठोस रणनीति और निरंतर कार्रवाई जरूरी है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि शहर को जीरो टॉलरेंस ऑन क्राइम की नीति अपनाकर अपराध नियंत्रण में भी नंबर वन बनना चाहिए.
यह बोले जागरूक नागरिक…
शहर साफ-सुथरा है, लेकिन महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं. रात में निकलने से डर लगता है. प्रशासन को महिला सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने चाहिए तभी असली विकास माना जाएगा.
– संगीता लशकरी, युवा नेत्री
ट्रैफिक व्यवस्था सुधरी है, पर अपराध बढ़ रहे हैं. पुलिस को नशा माफियाओं के जाल को तोडऩा होगा. नशे और गुंडागर्दी पर कड़ा एक्शन लेना होगा. ऐसे तत्वों में कानून का डर जरूरी है.
– सैय्यद अशरफ अली, समाज सेवी
आज शहर में नशे और अपराध का माहौल बना हुआ है, जो युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है. हमें शहर में सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण चाहिए, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे.
– शम्भू चौधरी, युवा
