नयी दिल्ली, 22 फरवरी (वार्ता) अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह समझौता संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा है जिसका सबसे ज्यादा असर देश के किसानों पर पड़ सकता है।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने रविवार को सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन था और संभावित फैसला आने वाला था तो व्यापार समझौते को इतनी जल्दबाजी में लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले का इंतजार किया जा सकता था।
श्री रमेश ने कहा ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार समझौते की सराहना करते रहे हैं जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आयात शुल्क लगाने की बात करते रहते हैं। मैं यह राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों के आधार पर कह रहा हूं। कोई व्यापार समझौता होता है तो वह बराबरी के आधार पर होना चाहिए। लेन देन का अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि भारत केवल रियायतें देता रहे और बदले में उसे समान लाभ न मिले। ”
श्री रमेश ने आरोप लगाया कि यह समझौता संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा है। इस समझौते का सबसे ज्यादा असर देश के किसानों पर पड़ सकता है। कांग्रेस ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले का इंतजार किया जाता तो भारत की शर्त संबंधी स्थिति अधिक मजबूत हो सकती थी लेकिन मोदी सरकार ने जल्दबाजी में समझौते की घोषणा की। इस कदम से किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्ष ने केंद्र से इस मामले को लेकर सवाल किया है कि जब अदालत का कैलेंडर पहले से जारी था और फैसला 20 फरवरी निर्धारत था तो दो फरवरी को ही समझौता करने की क्या वजह थी। उनका कहना है कि कुछ दिनों के इंतजार से भारत को बेहतर शर्तें मिल सकती थीं।
