
भोपाल। मंगुभाई पटेल ने रविवार को कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो प्रसारण नहीं, बल्कि देशभर में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों और जन-भागीदारी का जीवंत दस्तावेज है। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में कार्यक्रम के प्रसारण से पूर्व युवा अधिकारियों और नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस का जनता से सीधा जुड़ाव होता है, इसलिए उसे समाज की नब्ज समझने और जनभावनाओं का सम्मान करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मंच के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक कहानियाँ साझा करते हैं। इन प्रसंगों से प्रेरणा लेकर पुलिस बल के सदस्य अधिक संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ बन सकते हैं। उन्होंने ‘मन की बात’ को औपचारिक आयोजन न मानकर नियमित रूप से सुनने की आदत विकसित करने का आग्रह किया।
श्री पटेल ने कहा कि प्रशिक्षण का समय करियर की मजबूत नींव होता है। पुलिसिंग में अनुशासन के साथ सहानुभूति का समावेश आवश्यक है, ताकि पीड़ित व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा का संकल्प है। उन्होंने स्वच्छता, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर दिए गए मार्गदर्शन को कार्यक्षेत्र में लागू करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं अकादमी निदेशक रविकुमार गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत किया। उप निदेशक संजय कुमार अग्रवाल ने अकादमी की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और पुलिस अधीक्षक यास्मीन जहरा ने आभार व्यक्त किया।
