चिली की राजधानी सैंटियागो में एक गैस टैंकर के पलटने के बाद हुए भीषण विस्फोट में 4 लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हैं। घटना का खौफनाक वीडियो वायरल हो रहा है।
चिली की राजधानी सैंटियागो से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लिक्विड गैस टैंकर के पलटने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस ब्लास्ट का एक खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे पलक झपकते ही पूरा इलाका एक घने सफेद बादल में तब्दील हो गया और दर्जनों गाड़ियाँ उसकी चपेट में आ गईं।
सफेद धुएं के गुबार में समा गया ट्रैफिक
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा 19 फरवरी को उस समय हुआ जब liquefied gas ले जा रहा एक टैंकर ओवरपास के नीचे अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें से भारी दबाव के साथ अत्यधिक ठंडी गैस का रिसाव शुरू हो गया। जब यह अल्ट्रा-कोल्ड गैस हवा के संपर्क में आई तो उसने condensed water vapor के साथ प्रतिक्रिया कर एक विशाल और घना सफेद वाष्प बादल बना लिया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि यह बादल सड़क पर किसी घने कोहरे की तरह बेहद तेज गति से फैला। बादल इतनी तेजी से फैला कि सड़क पर चल रहे मोटर चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने कई लेनों को सेकंडों में अपनी चपेट में ले लिया।
150-200 मीटर के दायरे में असर
विस्फोट की शक्ति इतनी अधिक थी कि इसका प्रभाव 150 से 200 मीटर के दायरे में महसूस किया गया। इस भीषण हादसे में कम से कम 50 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिनमें कई कारें और मोटरसाइकिलें शामिल थीं जो सीधे उस वाष्प बादल की राह में आ गई थीं। धमाके के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और बचाव दल के पहुंचने तक चारों ओर तबाही का मंजर था। घायल हुए 17 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
हादसे की वजह और जांच शुरू
शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, टैंकर के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया था जिसके बाद टैंकर ओवरपास के सपोर्ट पिलर्स के पास हिंसक रूप से पलट गया। यह ट्रक स्थानीय गैस कंपनी ‘गास्को’ से जुड़ा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सार्वजनिक अभियोजक के कार्यालय ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रमुख ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की है कि ड्राइवर के नियंत्रण खोने की वजह से ही यह डरावना हादसा हुआ। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या टैंकर में कोई तकनीकी खामी थी या यह मानवीय भूल का नतीजा था।
