मंडला: नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत बबलिया क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनवाई गई सड़कों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। मरम्मत के नाम पर विभाग द्वारा की जा रही खानापूर्ति से नाराज होकर क्षेत्र के दर्जनों सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।क्षेत्रीय सरपंचों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पिछले कई वर्षों से मरम्मत के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। सड़कों के किनारों पर लगे पत्थरों और बोर्डों पर रंग-रोगन कर इतिश्री कर दी जाती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सड़कों के किनारे न तो झाडिय़ों की सफाई कराई गई है और न ही साइड पटरी की भराई हुई है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
गिट्टी और जले तेल से भरा जा रहा गड्ढा
जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया और सरपंच रूपसिंह सैयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए मानक डामर के बजाय जले हुए ऑयल और गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। यह गिट्टी कुछ ही दिनों में निकल जाती है, जिससे सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है।
इन मार्गों पर बुरा हाल
ग्रामीणों ने बताया कि रिपटा जेवरा चौराहा से मल्ठार, जराहडीह, पथर्री केवलारी, चकदेही से कापा, खम्हरिया से फड़की सिवनी, मुरलापानी से नैझर, पडरीतलाई, देवरी कला, नारायणगंज-बबलिया मुख्य मार्ग से घुघरी, छांटाटोला, तरवानी, सालेहपानी, रमपुरी धनगांव, पीपरपानी, सिमरिया और मुकास पौंडी जैसे दर्जनों पहुँच मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।
प्रशासन से डामलीकरण की मांग
सरपंच सतीष सोयाम, कमलसिंह मरावी, जगदीश धुर्वे, रामचरण मसराम, गणेश धुर्वे, चंद्रसिंह कुलस्ते, कलीराम और हनमत सोयाम सहित अन्य सरपंचों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन समस्त सड़कों पर केवल पैच वर्क न कर पूर्ण डामलीकरण किया जाए और साइड पट्टी का निर्माण कराया जाए। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुआ, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
