जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का प्रभावी कवचःभजनलाल

जयपुर,(वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साइबर सुरक्षा को सामूहिक संकल्प बताते हुए कहा है कि डिजिटल युग में तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराध की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं और इससे बचाव के लिए नागरिकों में जागरूकता सबसे प्रभावी कवच है।

श्री शर्मा शुक्रवार को यहां ‘साइबर सुरक्षा- जागरूकता, संरक्षण एवं न्याय तक समावेशी पहुंच’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “साइबर सुरक्षा हमारा सामूहिक संकल्प है तथा इस संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार, न्यायपालिका और समाज को मिलकर काम करना होगा। ”

श्री शर्मा ने कहा, “हमारी सरकार साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठा रही है। हमारी सरकार ने साइबर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए ऑपरेशन एंटी वायरस अभियान के तहत साइबर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है। साथ ही, प्रदेश में साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कण्ट्रोल सेण्टर (आरफॉरसी) की स्थापना की जा रही है। ”

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर कठोर नियंत्रण के लिए प्रदेश में विशेष साइबर कोर्ट की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब आम नागरिक बैंकिंग, फसल बीमा, पेंशन से लेकर न्यायिक प्रक्रियाओं से डिजिटल माध्यम के जरिए जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट पोर्टल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई एवं ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है तथा दूर-दराज क्षेत्र के लोगों को न्याय त्वरित और सुलभ हुआ है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल न्याय प्रणाली एक समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी राहत पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कानून को राजस्थान में भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। हमारा प्रदेश इन नए कानूनों के माध्यम से देश में सबसे तीव्र गति से न्याय पहुंचाने वाले राज्यों में से एक बन गया है। हमारी सरकार का ध्येय है कि राजस्थान की धरती पर किसी भी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। इसके साथ ही, कानूनी प्रक्रियाओं में भी नवाचार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में ई-कोर्ट्स का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने न्यायविदों एवं विधि विशेषज्ञों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव और आपकी मार्गदर्शन से यह सम्मेलन साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने एवं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन मध्यस्थता एवं लोक अदालत प्लेटफॉर्म ई-समाधान की लांचिग,मध्यस्थता पर हैंडबुक का विमोचन एवं “महिला पंचायत पैन राजस्थान” का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में स्पोर्ट्स फॉर अवेयरनेस .उड़ान 2.0″ कार्यक्रम के तहत आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

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