श्रद्धालुओं की विदाई, हाईवे पर रेंगते नजर आए वाहन

सीहोर। कुबेरेश्वर धाम पर पिछले सात दिनों से जारी रुद्राक्ष महोत्सव के अंतर्गत आयोजित शिव महापुराण कथा का विधिवत समापन हो गया. कथा विराम के साथ ही देश-प्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया. श्रद्धालुओं की एक साथ वापसी के चलते शहर की सड़कों से लेकर भोपाल-इंदौर हाईवे तक लंबा जाम देखने को मिला.

कथा के अंतिम दिन सुबह से ही धाम परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. हवन, पूजन और पूर्णाहुति के बाद जैसे ही कार्यक्रम संपन्न हुआ, श्रद्धालु वाहनों, बसों और निजी साधनों से लौटने लगे. दोपहर बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया. जगह-जगह वाहन रेंगते नजर आए और कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया. कथा स्थल से रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड जाने के लिए श्रद्धालुओं को जो साधन मिला वह उससे रवानगी डालते रहे. इस दौरान ऑटो, क्रूजर के अलावा ट्रैक्टर- ट्राली और बाइक से भी सवारियों को ढोने का सिलसिला जारी रहा.

भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक फैली रहीं. चार पहिया और दोपहिया वाहनों के साथ-साथ बसों की संख्या अधिक होने से ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी रही. पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार यातायात व्यवस्था संभालती रहीं, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की वापसी से दबाव बढ़ गया.

रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शिव महापुराण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। धाम परिसर में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. दूर-दराज के राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे थे. महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही. पुलिस बल, ट्रैफिक स्टाफ और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाले रखा. देर रात तक यातायात सामान्य करने के प्रयास जारी रहे. कुल मिलाकर, रुद्राक्ष महोत्सव का समापन भक्ति और उत्साह के माहौल में हुआ, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने शहर की यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी.

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भारी भीड़

सीहोर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी हजारों श्रद्धालु अपने शहर लौटने के लिए घंटों इंतजार करते रहे. टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रहीं. कई यात्रियों को खड़े-खड़े सफर करना पड़ा. बसों और ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ के चलते अफरा-तफरी जैसे हालात भी बने रहे. इसी तरह सैकड़ों ऑटो कुबेरेश्वर धाम से सीधे भोपाल के लिए रवाना हो रहे थे. इनमें सवार यात्रियों को भोपाल के रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडऩा थी. 12 बजे से रात तक शहर की सड़कों पर जहां लोगों की भीड़ देखने को मिली, वहीं स्टेशन पर भी हजारों यात्री रात में ठहरे हुए थे. धाम से लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह से भोजन प्रसादी का इंतजाम नगर विठलेश सेवा समिति की नगर इकाई ने रेलवे स्टेशन पर किया था. इसके अलावा भी अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता स्टेशन पर यात्रियों को भोजन व पानी वितरित कर देखे गए.

कलेक्टर और एसपी रेलवे स्टेशन पहुंचे, लिया जायजा

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रूद्राक्ष महोत्सव के अंतिम दिवस पर श्रद्धालुओं की वापसी को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर बालागुरू के. एवं पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं की वापसी को देखते हुए कलेक्टर-एसपी ने सीहोर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित की जाए तथा यातायात सुगम बनाए रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. प्रशासन की सूझबूझ और बेहतर इंतजामों के चलते इस बार हालात सामान्य ही बने रहे थे.

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