रीवा: कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा उपार्जन की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं. नोडल अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें. खरीदी केन्द्र में किसी भी तरह की कठिनाई आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं. खरीदी केन्द्र में शासन के निर्देशों के अनुरूप 16 तरह की सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें. इन सुविधाओं को खरीदी केन्द्र प्रभारी के माध्यम से ऐप पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं.
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक बोरे में नीले रंग के एक्सटेंसिल लगाकर उसमें खरीदी केन्द्र और किसान पंजीयन की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं. किसी भी स्थिति में किसान से निर्धारित मात्रा से अधिक धान न लें. धान की गुणवत्ता की भी निगरानी करें. यदि धान औसत गुणवत्ता एफएक्यू में नहीं है तो उसका उपार्जन नहीं होगा. दिन समाप्त होने तक खरीदी केन्द्र में उपस्थित सभी किसानों से धान की खरीद सुनिश्चित करें.
खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए छाया, पानी तथा अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें. किसानों को धान खरीदी के तीन दिवस में भुगतान सुनिश्चित करें. बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश ताण्डेकर ने खरीदी केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सभी केन्द्रों में उपलब्ध जानकारियों को पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है. आगामी दस दिनों के लिए बारदाने सभी केन्द्रों में उपलब्ध करा दिए गए हैं. बैठक में महाप्रबंधक सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय तथा सभी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे.
