
जबलपुर। सिहोरा आजाद चौक मेें गुरूवार देर रात्रि दो समुदाय के बीच हुए टकराव के बाद तीन एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही 49 उपद्रवी भी गिरफ्तार कर लिए गए है। शुक्रवार को एहतियात 200 का फोर्स तैनात रहा। पुलिस के पहरे के बीच जुमे की नमाज हुई। वहीं हिन्दूवादी संगठनों ने सिहोरा थाने का घेराव किया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच की मांग की और ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
विदित हो कि आजाद चौक में दो अलग-अलग समुदाय के धार्मिक स्थल है। गुरूवार रात्रि एक धार्मिक स्थल पर लाउंड स्पीकर बज रहे थे जिसका विरोध दूसरे पक्ष ने किया इसी बात दोनों पक्ष विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव किया तोडफ़ोड़ की। गुरुवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन जब स्थिति बेकाबू में नहीं हुई तो पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा था। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय भी मौके पर पहुँच गये थे।
इन थानों का फोर्स रहा तैनात
फिलहाल आजाद चौक में स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सिहोरा समेत कोतवाली, माढ़ोताल, बरेला, भेड़ाघाट, मझगवां, खितौला, गोसलपुर, घमापुर ट्रैफिक थाने का बल तैनात रहा। करीब 100 का बल जबलपुर से सिहोरा गया। कुल दो सौ का फोर्स तैनात रहा। चप्पे-चप्पे की निगरानी की गई। इसके साथ ही ड्रोन के जरिए भी नजर रखी गई।
उपद्रवियों को किया जा रहा चिन्हित
पुलिस उपद्रवियों की लगातार चिन्हित करते हुए उनकी पहचान कर रही है। इसके साथ ही कैमरे और मौके परहुई वीडियोग्राफी से भी उपद्रव मचाने वाले चिन्हित किए जा रहे है।
इनका कहना है
सिहोरा में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी धार्मिक स्थल को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। दोनों पक्षों से किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण में है एवं पर्याप्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। 49 गिरफ्तारी हो चुकी है अन्य की तलाश जारी है।
अतुल सिंह, डीआईजी, जबलपुर जोन
