नयी दिल्ली, 20 फरवरी (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को अपनी सरकार के एक साल का ‘रिपोर्ट कॉर्ड’ पेश करते हुए कहा कि सरकार ने कड़ी मेहनत कर दिल्ली में कार्य-संस्कृति बदली है और कई महत्वपूर्ण काम किये हैं। मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ यहां सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक साल पहले आज ही के दिन उन्होंने यहीं कार्यभार संभाला था, इसलिए अपने काम-काज की रिपोर्ट पेश करने के लिए भी इसी जगह को चुना। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट कॉर्ड हमारी कड़ी मेहनत को दर्शाता है। हमने बहाने बनाने के बजाय दिल्ली को विकास की ओर अग्रसर किया है। हमने दिल्ली की कार्य-संस्कृति को बदल दिया है। पिछली सरकार शोर मचाने में विश्वास करती थी, जबकि हमारी सरकार काम करने में विश्वास रखती है। हम ‘मैं’ की नहीं बल्कि ‘हम’ की राजनीति कर रहे हैं।” इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वीडियो दिखाया, जिनमें पिछले 365 दिनों के दौरान स्वास्थ्य, यमुना की सफाई, निवेश, शिक्षा और शहर के समग्र कायाकल्प की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिल्ली को एक कदम आगे ले जाने के लिए हर दिन काम किया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना को लागू करने का निर्णय पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था और अब तक 30,000 से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो चुके हैं। झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने 700 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झुग्गीवासियों को मकान देने का वादा पूरा किया जा रहा है। पुराने फ्लैटों को आधुनिक आवास इकाइयों में पुनर्विकसित किया जा रहा है और पहले चरण में 13,000 फ्लैट लाभार्थियों को सौंपे जायेंगे। उन्होंने आगे कहा कि श्रमिकों को सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी दिल्ली प्रदान कर रही है। महिला श्रमिकों के बच्चों के लिए लगभग 500 पालना घर खोले गये हैं।
सुश्री गुप्ता ने कहा, “बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर सरकार ने 180 किलोमीटर लंबी नयी सीवर लाइनें बिछायी हैं, जबकि अन्य 144 किलोमीटर के लिए निविदाएं जारी की गयी हैं। 105 एमजीडी क्षमता वाले चंद्रावल जल उपचार संयंत्र के इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है, जिससे 10 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ होगा।”
स्वास्थ्य क्षेत्र के बारे में उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनें लगायी गयी हैं। सरकार ने सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नयी प्रणालियां शुरू की हैं। दिल्ली में एक आयुष सोसाइटी स्थापित करने का काम भी शुरू हो गया है। अंग दान को बढ़ावा देने के लिए अभियान शुरू किया गया है। बड़े पैमाने पर पैरामेडिकल कर्मियों की भर्ती भी की गयी है। अपने प्रशासन को ‘प्रचार की नहीं, बल्कि काम-काज की सरकार’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों की फीस को विनियमित करने के लिए कदम उठाये गये हैं। पूरे शहर में 7,000 स्मार्ट क्लासरूम और 75 श्री विद्यालय बनाने का काम शुरू हो गया है। छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करने के लिए स्कूलों में तीन नये पाठ्यक्रम भी शुरू किये गये हैं। सुश्री गुप्ता ने यमुना की सफाई, कूड़े के पहाड़ों के समाधान और राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने का भी दावा किया।

