सलेम का विख्यात साबूदाना जीआई टैग के साथ पहुंचा कनाडा

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) तमिलनाडु में सलेम इलाके का प्रसिद्ध साबूदाना अब कनाडा के बाजार में निर्यात किया जा रहा है। सलेम के साबूदाना की एक विशिष्ट पहचान है तथा इसके व्यापार के लिए इसे विधिवत विशिष्ट भौगोलिक पहचान (जीआई) टैग दी गयी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एजेंसी-कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) ने इस उत्पाद को विदेशी बाजार में पहुंचाने में मदद की है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सलेम-साबूदाना की इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर जीआई-टैग प्राप्त कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में योगदान के लिए एपेडा की सराहना की है। उन्होंने गुरुवार को लिखा, “ एपेडा को तमिलनाडु से कनाडा के लिए पहले जीआई-टैग प्राप्त सलेम साबूदाना (सागो) के खेप को रवाना करने में सहयोग देने के लिए हार्दिक बधायी।”

श्री गोयल ने लिखा कि यह निर्यात पहल बड़ी संख्या में साबूदाना किसानों, विशेषकर टैपिओका साबूदाना की खेती से जुड़े आदिवासी समुदायों के लिए महत्वपूर्ण अवसरों के द्वार खोलेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी, वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, और साथ ही भारत के कृषि निर्यात को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।”

सलेम से कनाडा को पांच क्विंटल जीआई-टैग वाले साबूदाने की पहली खेप भेजी गयी है। मार्च 2023 में सलेम के साबूदाने को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त होने के बाद, इस जीआई प्रमाण-पत्र का अधिकृत उपयोग करने वाली सहकारी इकाई सागोसर्व द्वारा सीधे भेजा गया पहला निर्यात है। तमिलनाडु सरकार के अधीन सागोसर्व को मार्च 2023 में सलेम साबूदाने के लिए जीआई पंजीकरण प्राप्त हुआ। इस संस्था में 334 पंजीकृत साबूदाना निर्माता सदस्य हैं। तमिलनाडु टैपिओका साबूदाना का सबसे बड़ा उत्पादक है। सलेम को लंबे समय से देश के साबूदाना और स्टार्च उद्योग के केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। साबूदाना टैपिओका की जड़ों से प्राप्त होता है और भारत के कई हिस्सों में मुख्य भोजन के रूप में उपयोग किया जाता है। सलेम का साबूदाना उद्योग टैपिओका की खेती में लगे जनजातीय समुदायों सहित बड़ी संख्या में किसानों को आजीविका प्रदान करता है।

सलेम साबूदाने को परम्परागत रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के व्यापारी खरीदते रहे हैं। इसे अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, वियतनाम और सिंगापुर जैसे देशों में निर्यात किया जाता है। इसे जीआई टैग मिलने के बाद व्यापार में इस जीआई टैग के उपयोग के लिए अधिकृत संस्था द्वारा निर्यात की गयी पहली खेप कनाडा काे गयी है।

अन्य प्रमुख बाजारों में निर्यात की संभावनाओं को तलाशने के लिए बुधवार को तमिलनाडु के सलेम स्थित सलेम स्टार्च एंड सैगो मैन्युफैक्चरर्स सर्विस इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (सागोसर्व) के परिसर में एक निर्यात-केंद्रित कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि यह पहल जीआई-टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देने, उत्पादक समितियों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच सीधे बाजार संपर्क स्थापित करने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ाने की एपीईडीए की रणनीति के अनुरूप है। निकट भविष्य में इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

Next Post

औकात बयान पर विधानसभा में बवाल के बाद सिंघार बोले यह 7.5 करोड़ जनता का अपमान

Thu Feb 19 , 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में तीखी नोकझोंक के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उनकी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को अहंकारी सत्ता के सामने मजबूती से उठाने की है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की टिप्पणी केवल उनके खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की […]

You May Like