
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में तीखी नोकझोंक के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उनकी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को अहंकारी सत्ता के सामने मजबूती से उठाने की है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की टिप्पणी केवल उनके खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का अपमान है।
विधानसभा में हुई तकरार के बाद मीडिया से चर्चा में सिंघार ने कहा कि उनकी मुखरता ने सरकार को भागीरथपुरा मुद्दे पर बहस करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि 35 परिवार उजड़ गए, लोग बेघर हो गए, लेकिन जब विपक्ष सवाल उठाता है तो उसे औकात में रहने की नसीहत दी जाती है। यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
सिंघार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को कीड़े-मकोड़े समझने वाली मानसिकता असल में सत्ता के अहंकार को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनप्रतिनिधियों को जनता से ऊपर समझने लगी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में असली ताकत कुर्सी नहीं, बल्कि जनता होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस जनता को औकात याद दिलाने की कोशिश की जा रही है, वही जनता चुनाव के दिन जवाब देना भी जानती है। सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश अपमान और असंवेदनशीलता को बर्दाश्त नहीं करेगा और जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगी।
