
भोपाल। आज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बीच विधानसभा का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की, तो सत्ता पक्ष ने इसे न्यायालय में लंबित मामला बताकर चर्चा पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, ऐसे में विस्तृत चर्चा न्यायालय की अवमानना की स्थिति पैदा कर सकती है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि इस विषय पर सदन के बजाय अलग बैठक में बात होनी चाहिए, जबकि पूर्व अध्यक्ष सीता शरण शर्मा ने भी न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए संयम की अपील की।
बहस उस समय और तीखी हो गई जब विपक्ष ने सरकार और उद्योग समूह के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। मंत्री विश्वास सारंग ने किसी अनुपस्थित व्यक्ति का नाम लेने पर आपत्ति दर्ज कराई। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष पर भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाया, और नेता प्रतिपक्ष से औकात में रहने को कह दिया जिसका जवाब देते हुए सिंघार ने कहा कि उनके पास हर बात के प्रमाण हैं।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष का अपमान किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। माफी की मांग को लेकर हंगामा बढ़ा तो सभापति अजय बिश्नोई को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
करीब 40 मिनट बाद जब सदन फिर चला तो अध्यक्ष तोमर ने कहा कि दोनों पक्षों को संयम बरतना चाहिए और विधानसभा की परंपराओं का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा का उल्लेख करते हुए कहा कि “सदन में गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए।”
बाद में विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर खेद जताते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से किसी से वैमनस्य नहीं रखते। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सदन की गरिमा बनाए रखने की बात कही।
दिनभर के घटनाक्रम में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिससे सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा का यह सत्र इस बात का संकेत दे गया कि आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।
