
सीहोर। बुधवार को दिन भर आसमान पर बादलों का जमावड़ा बना रहा. बादलों और सूरज के बाद आंख मिचौली का खेल चलता रहा. शाम को तेज ठंडी हवाएं बहने से मौसम खुशनुमा हो गया था. रात दस बजे बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. बिजली की चकाचौंध के साथ बारिश का क्रम रह- रहकर सुबह तक जारी रहा. सर्वाधिक बारिश सीहोर तहसील में 5 एमएम दर्ज की गई है, जबकि श्यामपुर में 1.1, आष्टा में 1 व जावर में 2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है.
पिछले महीने रात व दिन में कंपा देने वाली सर्दी के तेवर फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े में ढीले हो गए थे. तापमान में बढ़ोत्तरी होने से धूप में तीखापन शुरू हो गया था. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सर्दी की विदाई हो चुकी है, लेकिन बुधवार को एक बार फिर मौसम ने पलटी मारी. पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसमान पर दिन भर बादल बने रहे. शाम को तेज हवाएं चलने लगीं और आखिरकार रात को बादल जमकर बरस पड़े. सुबह तक रह- रहकर बादलों के बरसने का क्रम बना हुआ था. दिन में भी आसमान पर घटाएं मौजूद रहकर बरसने को आतुर थीं. मौसम के बिगड़े रूप को देखते हुए कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने अपनी उपज को तिरपाल से ढांक रखा था. वहीं उपज बेचने आए किसान भी तिरपाल से ढांककर उपज मंडी लाए थे. मौसम बदलने के साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. ठंडी हवाओं के कारण लोगों कोफिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा. मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा. इसके बाद आसमान साफ होगा और तापमान में इजाफा होने लगेगा.
आष्टा क्षेत्र में भी जारी रहा बारिश का सिलसिला
आष्टा में गुरुवार सुबह से बारिश से ठंड बढ़ गई है. गेहूं और चने की खड़ी तथा कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है.कृषि उपज मंडी में भी व्यापारियों और किसानों की उपज भीग गई. गुरुवार सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच आष्टा और आसपास के जावर, सिद्धि गंज, खाचरोद, कोठारी जैसे क्षेत्रों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश दर्ज की गई. बुधवार रात 3 बजे के बाद भी मौसम में बदलाव आया और सुबह तक रुक-रुक कर बारिश होती रही. इस समय गेहूं और चने की फसलें खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं, जबकि कुछ स्थानों पर कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। किसानों ने बारिश से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई है. किसान राम सिंह, ठाकुर और विक्रम सिंह मेवाडा ने बताया कि बारिश से गेहूं और चने की फसल प्रभावित होगी, खड़ी फसलें झुक गई हैं, जिससे दाने की गुणवत्ता खराब हो सकती है.खेतों में नमी बढऩे से कटाई में भी बाधा आएगी. जिन किसानों की फसलें तैयार हो चुकी हैं, उन्होंने कटाई की गति बढ़ा दी है. खेतों में हार्वेस्टर और मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है. किसान दिन-रात फसल को जल्द से जल्द निकालने में जुटे हैं, ताकि मौसम बिगडऩे की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके. कई गांवों से किसान कटाई के साथ ही उपज को सुरक्षित रखने के लिए ट्रॉलियों में भरकर आष्टा मंडी ले जा रहे हैं. अचानक हुई बारिश से आष्टा की कृषि उपज मंडी में भी किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों का अधिकांश माल मंडी प्रांगण में रखा हुआ था। तिरपाल से ढकी होने के बावजूद कुछ उपज गीली हो गई, जिससे व्यापारियों को नुकसान होने की संभावना है.
विवाह आयोजनों में पड़ा बारिश से खलल
इन दिनों विवाह आयोजनों का सिलसिला बना हुआ है. बुधवार को भी अनेक स्थानों पर विवाह आयोजन हो रहे थे. ऐसे में मौसम के बिगड़े मिजाज ने उनकी पेशानी पर चिंता की लकीरें खींच दी थीं. रात को दस बजे जब विवाह आयोजन में प्रीतिभोज जारी थे तभी अचानक बारिश शुरू हो जाने से अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया था. सर्वाधिक दिक्कत उन परिवारों को हुई जिनके आयोजन मैरिज गार्डन में हो रहे थे. उन्हें सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. आगामी दो दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहने से उन परिवारों के समक्ष विकट समस्या निर्मित हो गई है, जिनके यहां गुरुवार और शुक्रवार को विवाह आयोजन होना है. वह वैकल्पिक इंतजाम करने में जुट गए हैं.
