
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इसके बाद आज उपमुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी अलग-अलग समय पर संघ प्रमुख से भेंट की। राजनीतिक हलकों में इन बैठकों को 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, आगामी चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रदेश में सामाजिक समीकरणों और नेतृत्व संतुलन को साधना भाजपा की प्राथमिकता है। केशव मौर्य जहां ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं ब्रजेश पाठक ब्राह्मण समाज का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। ऐसे में संघ प्रमुख की अलग-अलग मुलाकातें संदेश देती हैं कि पार्टी नेतृत्व सभी वर्गों और नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहा है।
हालांकि आधिकारिक रूप से इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन समय और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे महज औपचारिक मुलाकात मानना आसान नहीं है। माना जा रहा है कि यह संवाद आने वाले चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक दिशा तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
