डीआरडीओ ने गगनयान मिशन के लिए ड्रोग पैराशूट का सफल भार परीक्षण किया

नयी दिल्ली 19 फरवरी (वार्ता) भारत ने अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए गगनयान कार्यक्रम के लिए ड्रोग पैराशूट का सफल भार परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला, चंडीगढ़ स्थित रेल ट्रैक रॉकेट स्लेज सुविधा में किया गया। रेल ट्रैक रॉकेट स्लेज एक विशेष गतिशील परीक्षण सुविधा है जिसका इस्तेमाल उच्च गति के एयरोडायनमिक और बैलिस्टिक मूल्यांकन के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। यह परीक्षण बुधवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, एरियल डिलीवरी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला की समर्पित टीमों की भागीदारी के साथ किया गया। रेल ट्रैक रॉकेट स्लेज का यह गतिशील परीक्षण जिसमें वास्तविक उड़ान के अधिकतम भार से भी अधिक योग्यता स्तर भार का अनुकरण किया गया, पैराशूट के अतिरिक्त डिज़ाइन सुरक्षा मार्जिन को प्रदर्शित करता है।

यह परीक्षण उच्च शक्ति रिबन पैराशूट के डिज़ाइन और निर्माण में भारत की विशेषज्ञता को सिद्ध करता है। यह उपलब्धि एक बार फिर टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला के उन्नत परीक्षण सुविधा तथा तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान कर अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गगनयान ड्रोग पैराशूट के सफल योग्यता परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी।

Next Post

शाह शुक्रवार को असम में करेंगे वीवीपी-2 की शुरुआत

Thu Feb 19 , 2026
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को असम में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 (वीवीपी-2) का शुभारंभ करेंगे जिसका उद्देश्य राज्य के सीमवार्ती गांवों को मजबूत करना और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा देना है। आधिकारिक बयान के अनुसार यह कार्यक्रम दक्षिणी असम के […]

You May Like