
कुक्षी। समीपस्थ ग्राम खेड़ली में बुधवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब चूना पत्थर खदान सर्वे के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। लंबे समय से प्रस्तावित चूना फैक्ट्री का विरोध कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट प?ा और उन्होंने अधिकारियों व उनके वाहनों पर जमकर पथराव किया। इस पथराव में प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन को पीछे हटने पर किया मजबूर ग्रामीणों के अडिग रुख और हिंसक होती स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से पीछे कदम खींचने प?े। टीम को बिना सर्वे किए ही मौके से खाली हाथ लौटना प?ा। ज्ञातव्य है कि कुक्षी, बाग और जोबट ब्लॉक के कई गांवों में चूना पत्थर की खोज का विरोध पिछले कई महीनों से चल रहा है। पिछले महीने हुए चक्का जाम के बाद प्रशासन ने शांति का आश्वासन दिया था, लेकिन बुधवार की इस औचक कार्रवाई ने ग्रामीणों के भरोसे को तो? दिया है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी कब्जे की जमीन कंपनी को देने के लिए तैयार नहीं हैं।
महत्वपूर्ण यह है कि कलेक्टर प्रियंक मिश्रा नें ने पूर्व में ग्राम मोगरा में जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि ग्रामीण जनों को विश्वास में लिए बगैर कोई कार्य नहीं होगा। इसके बावजूद, बिना किसी पूर्व सूचना या स्थानीय सहमति के सर्वे टीम का पहुंचना ग्रामीणों को रास नहीं आया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन एक तरफ संवाद की बात करता है और दूसरी तरफ बलपूर्वक सर्वे की कोशिश कर रहा है।आज की घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन ग्रामीणों के साथ पारदर्शी संवाद नहीं करता, तब तक इस क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार की राह आसान नहीं होगी। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती दिखाई दे रही है.इस घटना को लेकर सोशल मिडिया पर खबर के साथ वायरल वीडियो फुटेज में आक्रोषित ग्रामीण जन वाहनों पर पथराव करते नजर आ रहे.
इनका कहना है
इस सम्बन्ध में एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर नें बताया की कम्पनी द्वारा सेम्पलिंग कार्य नियमानुसार किया जा रहा था.ग्रामीणों की आपत्ति पर समझाइश दी गई थी और ग्रामीणों की बात सुनी गई है.वहां पूर्ण रूप से शांति है.कोई जन हानि नही हुई है.
