
खंडवा। जिले में कर्ज के बोझ और बैंक की सख्ती ने एक और अन्नदाता की जान ले ली। पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुरी रैय्यत में रहने वाले 50 वर्षीय किसान बाबूलाल (पिता कालू) ने कर्ज और फसल बर्बादी से परेशान होकर जहर खा लिया था। जिला अस्पताल में पिछले 6 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे किसान ने बुधवार को आखिरकार दम तोड़ दिया। घटना 12 फरवरी की है, जब किसान ने घर से खेत जाते समय रास्ते में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बेटे देवसिंह के मुताबिक, इलाज के दौरान पिता की हालत में सुधार हो रहा था और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे थे। एक-दो दिन में उन्हें डिस्चार्ज भी किया जाने वाला था, लेकिन बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने बताया कि बाबूलाल पर बैंकों का भारी-भरकम कर्ज था, जिसे लेकर वे बेहद तनाव में थे। उन्होंने बोरगांव बुजुर्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से 10 लाख रुपये का केसीसी लोन लिया हुआ था, जिसका ब्याज वे नियमित रूप से भर रहे थे, लेकिन मूलधन अभी भी बकाया था। खेती में लगातार हो रहे नुकसान और आर्थिक तंगी के कारण वे ट्रैक्टर की किश्तें समय पर नहीं भर पा रहे थे। हाल ही में उनकी 7 किश्तें बकाया (ड्यू) हो गई थीं, जिसके चलते बैंक ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनका ट्रैक्टर सीज कर लिया था।
बेटे देवसिंह ने बताया कि पिता अक्सर चिंता जाहिर करते थे कि ‘अब इतना कर्ज कैसे चुकाएंगे। बैंक द्वारा ट्रैक्टर खींच ले जाने की घटना ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था, जिसके चलते उन्होंने नशे की हालत में यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
