खंडवा गैंगरेप-हत्याकांड: मुख्य आरोपी को उम्रकैद

खंडवा। खंडवा जिला न्यायालय ने जिले को झकझोर देने वाले आदिवासी महिला के साथ हुए जघन्य गैंगरेप और हत्या के मामले में अपना फैसला सुना दिया। मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस वारदात में अदालत ने मुख्य आरोपी हरि (उर्फ हरिराम) को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, वहीं, मामले में सह-आरोपी बनाए गए दूसरे व्यक्ति सुनील को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है। विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की और कहा कि जिस बर्बरता से महिला के साथ यह कृत्य किया गया, वह किसी सामान्य अपराधी का नहीं बल्कि ‘राक्षसी प्रवृत्ति’ का काम है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसे जघन्य अपराध में कठोरतम सजा नहीं दी गई, तो समाज में गलत संदेश जाएगा।

घटनाक्रम के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली वारदात मई 2025 में खालवा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी, जहाँ 45 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ शराब के नशे में धुत आरोपियों हरि (हरिराम) और सुनील ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। आरोपी महिला को जानते थे और उसे अपने साथ ले गए थे। वहां उन्होंने महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया और दरिंदगी करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में हाथ डालकर बच्चेदानी और आंतें बाहर खींच निकाली थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और अंदरूनी अंगों में हुई गंभीर चोटों के कारण महिला की तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया था और आरोपी हरिराम के बेटे ने भी अपने पिता के खिलाफ गवाही दी थी, जो अभियोजन पक्ष के लिए अहम साबित हुई।

अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने हरिराम को मुख्य दोषी माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर मिली चोटें इतनी भयावह थीं कि उन्हें देखकर डॉक्टर्स और खुद जज भी सिहर उठे थे। कोर्ट ने माना कि हरिराम ने जिस क्रूरता का परिचय दिया, वह विरले मामलों में ही देखने को मिलती है। हालाँकि, दूसरे आरोपी सुनील के खिलाफ प्रत्यक्ष प्रमाण न मिलने और घटना में उसकी संलिप्तता पूरी तरह सिद्ध न हो पाने के कारण उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

फैसला आते ही पीडि़त पक्ष ने मुख्य दोषी को सजा मिलने पर इसे न्याय की जीत बताया, लेकिन सुनील के बरी होने पर आगे अपील करने की बात कही है।

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