ग्वालियर में दुग्ध क्रांति का आगाज़: आचार्य विद्यासागर योजना का पशुपालकों को मिला लाभ

ग्वालियर: प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और पशुपालकों की आय को दोगुना करने के संकल्प के साथ ‘आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना’ अब ज़मीनी स्तर पर बड़ा बदलाव ला रही है। जिले के 60 चयनित पशुपालकों को इस योजना के तहत लाखों रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है, जिससे क्षेत्र के डेयरी सेक्टर में उत्साह है। इस योजना का विज़न केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशुपालन को एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करने की सोची-समझी रणनीति है। सरकार का मुख्य फोकस उन्नत नस्ल सुधार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि करना है। योजना के माध्यम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि पशुपालकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है।
पारदर्शिता और पात्रता के कड़े मानक
योजना को व्यवस्थित रूप देने के लिए सरकार ने भूमि की उपलब्धता को अनिवार्य बनाया है, ताकि पशुओं के चारे और रखरखाव में कोई बाधा न आए। नियम के अनुसार, 5 पशुओं की इकाई स्थापित करने के लिए किसान के पास कम से कम 1 एकड़ और 10 पशुओं की बड़ी यूनिट के लिए 2 एकड़ निजी भूमि होना आवश्यक है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और अनुदान का प्रावधान किया गया है, जो छोटे और मध्यम स्तर के किसानों के लिए वरदान है। विशेषज्ञों का मानना है कि आचार्य विद्यासागर योजना के क्रियान्वयन से ग्वालियर दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।

Next Post

कांवड़ चढ़ाकर लौट रहे युवक को टैंकर ने रौंदा, परिजनों ने किया चक्काजाम

Tue Feb 17 , 2026
भिंड: नेशनल हाईवे बायपास पर सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने इंदिरा गांधी चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वे आर्थिक सहायता और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जाम के चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों की लंबी […]

You May Like

मनोरंजन