
सीधी ।नगर पालिका सीधी से लगे दंडी स्वामी सेवा समिति उर्मिलेश्वर धाम तिलकनगर पडऱा में दंडी स्वामी निर्भयानंद सरस्वती महराज के पावन सानिध्य में शहर के समाजसेवी विनय कुमार परिहार के द्वारा 17 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रतिदिन शायं 7 बजे से स्वामी बृजेश महराज वृंदावन की टीम के द्वारा कृष्ण रासलीला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें वृंदावन की प्रशिद्ध रासलीला मंडली भगवान श्रीकृष्ण और राधा की बाल लीलाओं सहित अन्य भगवान की लीला का मंचन किया जाएगा। शहर में वर्तमान परिवहन कार्यालय के समीप तिलक नगर पडऱा में भव्य उर्मिलेश्वर धाम का निर्माण दंडी स्वामी निर्भयानंद जी सरस्वती के पावन सानिध्य में समाजसेवी विनय कुमार सिंह परिहार एवं अन्य भक्तगणों के सहयोग से किया गया है। गोपालदास बांध से जुड़े उक्त उर्मिलेश्वर धाम का मनमोहक दृश्य भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आश्रम के दो तरफ गोपालदास का निर्मल जल सुशोभित हो रहा है। उक्त पावन भूमि पर भव्य उर्मिलेश्वर धाम का निर्माण शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। उक्त धाम का आकर्षण एवं दंडी स्वामी निर्भयानंद सरस्वती जी महराज का सानिध्य भक्तों को शांति और राहत प्रदान करता है। उर्मिलेश्वर धाम में आज से होने वाले रासलीला के आयोजन से संबंधित समस्त तैयारियां हो चुकी हैं। काफी संख्या में भक्तगण उर्मिलेश्वर धाम में पहुंचने लगे हैं। उक्त आयोजन में दंडी स्वामी निर्भयानंद सरस्वती जी के देशभर से शिष्य पहुंचेंगे। भक्तों के ठहरने एवं भोजन की उत्तम व्यवस्था दंडी स्वामी सेवा समिति के द्वारा की गई है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह एवं श्रीकृष्ण रासलीला मंचन के आयोजनकर्ता विनय कुमार परिहार ने सभी रसिक भक्तों से आज से शुरू हो रही श्रीकृष्ण रासलीला में पहुंचने एवं 26 फरवरी को शिव प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर आयोजित भंडारा में शामिल होने की अपील की है।
26 फरवरी को होगी शिव प्रतिमा की स्थापना
दंडी स्वामी सेवा समिति उर्मिलेश्वर धाम तिलकनगर पडऱा सीधी में 26 फरवरी को महामृत्युंजय शिव जी की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी दिन दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए दंडी स्वामी निर्भयानंद सरस्वती जी महराज दंडी सेवा समिति उर्मिलेश्वर धाम तिलकनगर पडऱा ने बताया कि शिव जी की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 20 फरवरी को बेदी निर्माण, पंचांग पूजन, 21 फरवरी को देव पूजन, अन्नधिवास, 22 फरवरी को देव पूजन, पुष्पाधिवास, गंधाधिवास एवं घण्टापूजन, 23 फरवरी को देवपूजन, शिखरपूजन, फलाधिवास, 24 फरवरी को देवपूजन, वस्त्राधिवास, अरणिमंथन, 25 फरवरी को देवपूजन, रथयात्रा, शैयाधिवास एवं 26 फरवरी को देवपूजन, मूर्तिन्यास, देवप्रतिष्ठा एवं हवन पूर्णाहुति भंडारा आयोजित किया जाएगा।
