
खंडवा। शहर में सोमवार को एक अनूठा आयोजन देखने को मिला। महादेवगढ़ मंदिर में मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वालीं किन्नर गुरु वाहिद अहमद उर्फ सितारा गुरु ने सनातन धर्म अपना लिया है। वैदिक रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई इस घर वापसी की प्रक्रिया के बाद उन्हें नया नाम सीता दिया गया है।
यह पूरा अनुष्ठान किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर सखी सौम्या देवी (रायपुर) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। महादेवगढ़ मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों ने सबसे पहले सितारा गुरु का गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकरण स्नान कराया। इसके पश्चात विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया और उन्हें जनेऊ व कंठी धारण करवाई गई। महामंडलेश्वर सौम्या देवी ने उनके कान में गुरु मंत्र फूंक कर उन्हें सनातन धर्म में दीक्षित किया और उनका नामकरण सीता के रूप में किया।
भोलेनाथ की शरण में आकर मिली शांति : सनातन धर्म अपनाने के बाद नव-दीक्षित सीता भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा मैं आज भोलेनाथ के दरबार में आई हूं। मेरे पूर्वज भी सनातनी थे, और आज मैंने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में वापसी की है। मुझे यहां आकर बहुत शांति और अपनापन महसूस हो रहा है।
इस मौके पर मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल था। अपने गुरु के सनातन धर्म अपनाने की खुशी में बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग भी वहां मौजूद थे। जैसे ही अनुष्ठान पूरा हुआ, समाज के लोगों ने ढोल-ताशों की थाप पर नृत्य कर और जयकारे लगाकर सीता का स्वागत किया।
महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले किन्नर समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर इस इच्छा से अवगत कराया था। उन्होंने कहा, जब उन्होंने घर वापसी की इच्छा जताई, तो हमने मंदिर में वैदिक परंपरा के अनुसार भव्य आयोजन की तैयारी की। यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि वे सनातन परंपरा से जुड़ी हैं।
इस दौरान मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष किया गया। सीता ने अंत में भगवान शिव की महाआरती में भाग लिया और उपस्थित भक्तों को आशीर्वाद दिया।
