नयी दिल्ली, 16 फरवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के एक मामले में फैसल शेख, अलफिया शेख और अन्य के खिलाफ लगभग 5.88 करोड़ रुपये मूल्य की सात अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इनमें मुंबई स्थित फ्लैट भी शामिल हैं। जांच की शुरुआत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), मुंबई द्वारा एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज शिकायत के आधार पर हुई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी फैसल शेख प्रतिबंधित मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) की खरीद एक कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला से कर रहा था। ईडी के अनुसार, फैसल शेख और उसकी पत्नी अलफिया शेख ने एमडी ड्रग की बिक्री के लिए एक संगठित नेटवर्क स्थापित किया था। वे यह मादक पदार्थ सामिया खान, नासिर यासीन खान, अजीम अबू सलीम खान उर्फ अजीम भाऊ सहित अन्य लोगों को सप्लाई करते थे, जो आगे ग्राहकों को बेचते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अवैध रूप से अर्जित नकदी को वैध दर्शाने के लिए अपने व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा किया। इसके अलावा, उनके नाम और सहयोगियों के नाम पर पंजीकृत फर्मों का इस्तेमाल अपराध से अर्जित आय को वैध रूप देने के लिए किया गया, जबकि इन फर्मों की कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नहीं थी।
ड्रग बिक्री से प्राप्त नकदी को कथित तौर पर फैजान मोहम्मद शफी शेख सहित करीबी सहयोगियों के माध्यम से घुमाया गया। फैजान ने अपनी फर्म ‘फैज इम्पेक्स’, मुंबई और अन्य सहयोगियों के जरिए कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के माध्यम से धन का लेनदेन किया। इस राशि का एक हिस्सा दोबारा फैसल और अलफिया तथा उनके परिवार के सदस्यों के खातों में स्थानांतरित कर अचल संपत्तियों की खरीद में उपयोग किया गया। इससे पहले वर्ष 2025 में ईडी ने तलाशी अभियान चलाकर 42 लाख रुपये नकद, लगभग 1.76 करोड़ रुपये मूल्य के 1.6 किलोग्राम आभूषण, 56 लाख रुपये मूल्य के तीन लग्जरी सेकंड-हैंड वाहन और आरोपियों के 12 बैंक खाते जब्त किए थे। ईडी अधिकारियों ने बताया कि फैसल और अलफिया द्वारा स्थापित धन शोधन नेटवर्क को फ्लो चार्ट के माध्यम से चिह्नित किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

