विदेशी ओटीटी प्लेटफॉर्म भी देश की संस्कृति और स्थानीय कानूनों का ध्यान रखें: वैष्णव

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (वार्ता) सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि विदेशी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी अपने कंटेंट में देश की संस्कृति और यहां के कानून का ध्यान रखना चाहिये। श्री वैष्णव ने यहां मोशन पिक्चर एसोसिएशन (एमपीए) द्वारा उद्योग मंडल फिक्की, एमआईबी और क्रिएटिव फर्स्ट के सहयोग से आयोजित एक परिचर्चा में यह बात कही। इस परिचर्चा का आयोजन आज से भारत मंडपम में शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की पृष्ठभूमि में किया गया था। मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी चार्ल्स रिवकिन के परिचर्चा के दौरान श्री वैष्णव ने ओटीटी प्लेटफॉर्म और वैश्विक स्ट्रीमिंग सेवाओं के बारे में कहा कि “डिजिटल दुनिया में कोई भौतिक सीमाएं नहीं होतीं” और चेतावनी दी कि प्लेटफ़ॉर्म्स को “सांस्कृतिक संदर्भ का ध्यान रखना चाहिये”। उन्होंने कहा, “जो एक समाज में सामान्य है, वह दूसरे समाज में असामान्य हो सकता। वैश्विक प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि जिन देशों में वे काम कर रहे हैं, वहां के सांस्कृतिक संदर्भ का पूरा ध्यान रखा जाये।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनियों को किसी दूसरे देश की बजाय स्थानीय संविधान और कानूनी ढांचे के दायरे में काम करना चाहिये।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा के विषय में पूछे जाने पर कि इस विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्र में नियमों के लिए आधारभूत सिद्धांत क्या होने चाहिये, मंत्री ने साफ-साफ कहा, “बच्चों की सुरक्षा पर देश और समाज को किसी कीमत पर समझौता नहीं करना चाहिये।” श्री रिवकिन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का जिम्मेदारी पूर्ण इस्तेमाल करना चाहिये। mश्री वैष्णव ने कहा कि एआई और कॉपीराइट के बीच की चुनौतियां बेहद जटिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट में इस पर किसी प्रकार की सहमति बन सकेगी। उन्होंने कहा, “यदि क्रिएटर्स को अपने कौशल का उपयोग करने का अवसर मिले, अपने कॉपीराइट की रक्षा का अवसर मिले, और उनकी रचनात्मक ऊर्जा के मूल की सुरक्षा हो, तो निकट भविष्य में बहुत अधिक विकास संभव है। तब एआई को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।” mनीति से संबंधित इच्छाशक्ति को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी व्यावहारिक उपायों के बारे में पूछे जाने पर श्री वैष्णव ने सहयोगात्मक ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इसके लिए बहुत सारे तकनीकी उपकरण विकसित करने होंगे। अब तक हमारी समझ यह है कि इतनी जटिल समस्याओं के लिए हमें तकनीकी-कानूनी (टेक्नो-लीगल) समाधान अपनाने होंगे।” गलत सूचना और डीपफेक के जोखिमों के बारे में मंत्री ने कहा, “हमारे समाज की नींव संस्थानों के बीच विश्वास पर टिकी है। त्रुटियों, गलत सूचना और दुष्प्रचार का तेजी से प्रसार दरअसल इन संस्थानों की जड़ों पर प्रहार कर रहा है।” उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, एआई मॉडल्स, रचनाकार – सबको मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि नयी तकनीक विश्वास को कम करने की बजाय उसे मजबूत करे।”

Next Post

राजनाथ ने बीईएल में मिसाइल और एआई सुविधाओं का उद्घाटन किया

Mon Feb 16 , 2026
नयी दिल्ली 16 फरवरी (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बेंगलुरू स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में अत्याधुनिक मिसाइल इंटीग्रेशन सुविधा का उद्घाटन करने के साथ-साथ आकाश मिसाइल की तीसरी और चौथी रेजिमेंट कॉम्बैट सिस्टम को झंडी दिखाकर रवाना किया और माउंटेन फायर कंट्रोल […]

You May Like