न्यूयॉर्क | यौन तस्करी के कुख्यात आरोपी जेफरी एपस्टीन की मौत का रहस्य साल 2026 में एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने गहरा गया है। प्रख्यात शव परीक्षण विशेषज्ञ डॉ. माइकल बैडेन ने हाल ही में दावा किया है कि एपस्टीन ने साल 2019 में जेल के भीतर आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। डॉ. बैडेन के अनुसार, एपस्टीन के गले की हड्डियों का टूटना और शरीर पर मिले घाव के निशान फांसी के बजाय किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा गला घोंटने की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं। इस नए दावे ने न्यूयॉर्क मेडिकल एग्जामिनर के उस पुराने फैसले को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें इसे ‘फांसी लगाकर की गई आत्महत्या’ बताया गया था।
डॉ. बैडेन ने आरोप लगाया है कि मुख्य चिकित्सा परीक्षक डॉ. बारबरा सैम्पसन ने शुरुआती जांच के महज पांच दिन बाद ही भारी दबाव में आकर इसे आत्महत्या घोषित कर दिया था। घटना वाली रात जेल के दो गार्डों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही है, जिन्होंने कथित तौर पर रिकॉर्ड के साथ हेराफेरी की थी। हाल ही में न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए नए वीडियो लॉग्स में 9 अगस्त की रात एक ‘नारंगी रंग की रहस्यमय झलक’ एपस्टीन की कोठरी की ओर जाती देखी गई है। यह फुटेज उसी समय का है जब एपस्टीन अपनी कोठरी में पूरी तरह असुरक्षित था, जिससे साजिश की आशंका और प्रबल हो गई है।
एपस्टीन की मौत को लेकर हुए इस नए खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रसूखदार लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि यह साबित हो जाता है कि एपस्टीन की हत्या हुई थी, तो कई बड़े नाम और गुप्त राज बेनकाब हो सकते हैं। डॉ. बैडेन ने मांग की है कि उपलब्ध नए डिजिटल साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की उच्च स्तरीय दोबारा जांच होनी चाहिए। एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनिक होने के बाद से ही दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों पर इस केस की फाइल को दोबारा खोलने का भारी दबाव है।

