नई दिल्ली | देश की प्रतिष्ठित दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के नॉर्थ कैंपस में शुक्रवार की रात जबरदस्त हंगामा हुआ। यूजीसी (UGC) कानून के समर्थन में निकाली गई एक रैली के दौरान कवरेज कर रही एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब युवती ने कानून से जुड़े सवाल पूछे, तो भीड़ ने उसे घेर लिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने युवती का नाम और जाति पूछकर उसे प्रताड़ित किया और उसके साथ हाथापाई की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित बाहर निकाला।
यह पूरा विवाद यूजीसी के नए एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर शुरू हुआ था, जिस पर आगामी 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। घटना के बाद छात्र राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का नारा देने वालों का दोहरा चेहरा सामने आ गया है। संगठन का आरोप है कि एक फ्रीलांसर पत्रकार को केवल सवाल पूछने के कारण निशाना बनाया गया। घटना की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिनमें युवती उग्र भीड़ के बीच घिरी और डरी हुई नजर आ रही है।
पीड़ित युवती ने मामले की लिखित शिकायत मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। शिकायत दर्ज होने के बाद आधी रात तक बड़ी संख्या में छात्र थाने के बाहर जमा रहे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की अराजकता और किसी महिला के साथ जातिगत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। कैंपस में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

