भुवनेश्वर, 13 फरवरी (वार्ता) वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कान्हू चरण लेंका का शुक्रवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे और कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
उनके निधन से ओडिशा ने एक अनुभवी राजनेता को खो दिया, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक सार्वजनिक जीवन और कांग्रेस पार्टी की सेवा की।
वह चौधवार विधानसभा क्षेत्र से 1971, 1974, 1980 और 1995 में चार बार विधायक चुने गए । इसके बाद वे 1988 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 1994 तक संसद सदस्य के रूप में कार्य किया।
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्होंने रेल और कृषि मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इन क्षेत्रों में उनके योगदान को व्यापक सराहना मिली।
वर्ष 1939 में जन्मे श्री लेंका ने 1957 में कांग्रेस सेवा दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। समय के साथ वे ओडिशा कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए और पार्टी से चार दशक तक जुड़े रहे। राजनीति के अलावा कृषि, सामाजिक सेवा और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 1968 में ओडिशा सरकार ने उन्हें राज्य में संकर मक्का और ज्वार के बीज उत्पादन करने वाले “प्रथम किसान” के रूप में सम्मानित किया।
उन्हें 1991 में सामाजिक सेवा और ओडिशा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए “विजय रत्न” पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि 1993 में रेलवे विकास में उल्लेखनीय भूमिका के लिए पुनः सम्मानित किया गया। नयी दिल्ली में 1995 में पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उन्हें ‘जवाहरलाल नेहरू उत्कृष्टता सम्मान’ से नवाजा गया।
कांग्रेस कार्यालय सूत्रों के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर भुवनेश्वर स्थित पार्टी कार्यालय लाया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता और शुभचिंतक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास, पूर्व अध्यक्ष निरंजन पटनायक समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें समर्पित नेता और जनसेवक बताया।
