रीवा: कमिश्नर बीएस जामोद द्वारा शिक्षा को रोजगार से जोडऩे के लिए अनूठी पहल की गयी है. इसके लिए कमिश्नर कार्यालय सभागार में संभाग के शिक्षा तकनीकी शिक्षा तथा उच्च शिक्षा के अधिकारियों में संभाग के प्रमुख उद्योगपत्तियों के साथ संवाद किया. बैठक में कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी है शिक्षा विद्यार्थी के जीवन को नई दिशा देती है. शिक्षा को विद्यार्थी को ज्ञानवान बनाने के साथ उसकी प्रतिभा के अनुरूप रोजगार के अवसर भी देनी चाहिए. रोजगामूलक शिक्षा से ही विकास को गति मिलेगी. रीवा संभाग के उद्यामियों को उनकी उद्यम के आवश्यकता के अनुसार तकनीकी रूप से कुशल और सक्षम व्यक्ति उपलब्ध कराये जायेंगे. इसके लिए आवश्यक हुआ तो इंजीनियरिंग कालेज, पालीटेक्निक और आईटीआई में नये कोर्स भी शुरू किये जायेंगे. शिक्षा विभाग के अधिकारी और उद्यमी समन्वय से विद्यार्थियों को रोजगार देने के अवसरों का सृजन करें.
कमिश्नर ने कहा कि शीघ्र ही जिला स्तर पर उद्यमियों के साथ बैठक करके उनके उद्यम की आवश्यकता के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाई जायेगी. सीमेंट टेक्नालॉजी, थर्मल पावर खाद प्रसंस्करण उद्योग, आधुनिक मशीनों के संचालन, मोटर मैकेनिक सहित विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जायेगा. पिछले तीन वर्षों में प्रशिक्षित विद्यार्थियों की सूची मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निर्देशक के माध्यम से उद्योगपतियों को उपलब्ध कराई जायेगी. जहां आवश्यकता होगी वहां उद्यमियों के कुशल तकनीशियनों का उपयोग आईटीआई में मास्टर ट्रेनर के रूप में किया जायेगा.
उद्यमों की मांग के अनुसार एकाउंटेंट भी उपलब्ध कराये जायेंगे. बैठक में उद्योगपत्तियों ने तकनीकी शिक्षा तथा प्रशिक्षण के संबंध में उपयोगी सुझाव दिये. बैठक में एनटीपीसी कोल माइन्स के प्रतिनिधि शशिकांत, नीलेश तिवारी, चोरहटा उद्योग संघ के अध्यक्ष राजीव खन्ना, गुरूमीत साहनी, दिलीप सिंह, रविश मिश्रा, विभू सूरी, अजय शर्मा, निशांत गुप्ता तथा अन्य उद्यामियों न उपयोगी सुझाव दिये. बैठक में एमआरडीसी के कार्यकारी निर्देशक यू.के. तिवारी, महाप्रबंधक उद्योग जे.पी. तिवारी, उपायुक्त ट्रायबल जे.पी. यादव, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त संचालक शिक्षा नीरव दीक्षित, प्राचार्य आईटीआई सोनम पाण्डेय सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी तथा आईटीआई के प्राचार्य उपस्थित रहे.
