सतना : बुधवार की शाम ओवर ब्रिज से लेकर रीवा रोड पर लगे जबरदस्त जाम की प्रताडऩा अभी मंद भी नहीं पडऩे पाई थी कि गुरुवार की दोपहर एक बार फिर यह मार्ग जाम के झाम में फंस कर रह गया. बुधवार को जहां भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत-सत्कार के चलते यह स्थिति बनी थी. वहीं गुरुवार को एटक के नेतृत्व में कर्मचारी संगठनों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन से हालात बिगड़ गए.
आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी संगठनों द्वारा संयुक्त तौर पर विरोध प्रदर्शन किया गया. गुरुवार की दोपहर बाद कर्मचारी संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग शहर के व्यस्ततम माने जाने वाले सेमरिया चौक पर एकत्र होने लगे. एकत्रित होने वाले कर्मचारियों में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता और सहायिकाएं भी खासी संख्या में वहां पहुंच गईं. देखते ही देखते एटक के नेतृत्व में कर्मचारी संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया गया.
विरोध द्रपर्शन और नारेबाजी करते हुए कर्मचारी संगठनों ने सेमरिया चौक से रीवा रोड की ओर पैदल मार्च करना शुरु कर दिया. इस दौरान रीवा रोड पर यातायात बाधित होने का सिलसिला शुरु हो गया. पैदल मार्च करते हुए कर्मचारी संगठन सर्किट हाउस चौक पर पहुंचा. जहां पर कुछ देर तक इंतजार करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी सर्किट हाउस चौक के सामने सडक़ पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया.
जिसका नतीजा यह हुआ कि उक्त स्थान पर यातायात पूरी तरह बाधित होने लगा. हलांकि उस दौरान चौराहे पर कुछ पुलिस-यातायात कर्मी मौजूद थे. लेकिन विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की खासी संख्या के आगे वे भी बेबस नजर आए. लिहाजा कुछ देर में ही ओवर ब्रिज से लेकर रीवा रोड पर एक बार फिर से जबरदस्त जाम लग गया. इस जाम के झाम में कई स्कूल बसें और एंबुलेंस भी फंस कर रह गईं. यह सिलसिला लगभग 3 घंटे से अधिक समय तक जारी रहा. जिसके चलते मार्ग में फंसे आमजन हलाकान होते रहे.
ज्ञापन सौंपने पर तकरार
एटक के नेतृत्व में विरोण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संगठनों का कहना था कि ज्ञापन लेने के लिए निर्धारित स्थल पर कोई भी प्रशासनिक जिम्मेदार नहीं पहुंचा. जिसके चलते उन्हें सर्किट हाउस चौक पर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा. जबकि प्रशासन का कहना है कि इस मामले को बेवजह तूल दिया गया. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने भी बीच बचाव करने का प्रयास किया. लेकिन मामला तभी शांत हो सका जब ण्सडीएम ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया. लेकिन तब तक इस कदर जाम लग चुका था कि उसे सामान्य होने में घंटो लग गए.
