
जबलपुर। सिंगरौली में माइंस से निकले वाले कोयले व राख के परिवहन के लिए उपयोग में लाये जाने वाले भारी वाहन तेज रफ्तार में भागते है। जिसके कारण कई दुर्घटनाएं घटित हुई है। तेज रफ्तार में भागते वाहन लोगो के लिए काल बनते जा रहे है। इस संबंध में दायर याचिका का निराकरण करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने जिला योजना समिति को इस संबंध में विचार करने के निर्देश दिये है।
याचिकाकर्ता राजेश कुमार सोनी निवासी नवनगर की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि बरगवां- परसौना, परसौना-राज मिलन, रेलवे स्टेशन मोरवा से जयंत रोड, सुलियारी माइंस मार्ग, एनटीपीसी बलियारी से बैढ़न, बरगवां और गजराबारा रोड जैसी छोटे मार्ग में कोयले व राख से भरे भारी ट्रक गुजरते है। जिसके कारण कई दुर्घटनाएं घटित होती है। तेज रफ्तार में भागते मालवाहक वाहन लोगों के लिए काल बने हुए है। भारी वाहनों का आवागमन 24 घंटे बना रहता है। भारी वाहनों के लिए कोई अलग बाईपास या परिवर्तित मार्ग नहीं है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ईशान सोनी ने पैरवी की।
