
सिंगरौली। एल्यूमिनियम तार के गबन और आपराधिक न्यास भंग के चर्चित मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश देवसर विवेक कुमार सोनी ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने प्रकरण क्रमांक एसटी-80-2021 में आरोपी सुभाष कुमार पांडेय एवं लाला सिंह उर्फ सुगम कुमार कसेरा को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 407 के तहत 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 4-4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2021 में हिंडाल्को कंपनी से 30 टन 62 किलो एल्यूमिनियम तार, जिसकी कीमत लगभग 74,59,464 रुपये थी, परिवहन के दौरान गबन कर लिया गया था। यह मामला थाना बरगवां के अपराध क्रमांक 303-2021 से संबंधित है। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी पाया। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक मारकण्डेय मणि त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए इसे विश्वासघात और आर्थिक अपराध का गंभीर मामला बताया। न्यायाधीश विवेक कुमार सोनी ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में सफल रहा है। अत: दोषियों को कठोर दंड दिया जाना उचित है।
प्रकरण में तीसरा आरोपी संदीप सिंह अभी फरार बताया गया है, जिसके विरुद्ध कार्रवाई लंबित है। न्यायालय ने दोषियों का जमानत मुचलका निरस्त करते हुए उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
