
ढाका, 12 फरवरी (वार्ता) बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने गुरुवार को गुलशन मॉडल हाई स्कूल और कॉलेज में अपना मत डाला। इस अवसर पर उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह बहुप्रतीक्षित चुनाव लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बहाल करेगा। श्री रहमान ने कहा कि बंगलादेशी नागरिक स्वतंत्र रूप से मतदान करने के अवसर के लिये एक दशक से अधिक समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने नागरिकों से किसी भी ‘साजिश’ को विफल करने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया। बीएनपी ने रात भर कुछ क्षेत्रों में ‘अवांछनीय घटनाओं’ की खबरें मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर अपना विश्वास भी जताया। उन्होंने कहा, “यदि पूरे बंगलादेश के लोग दिन भर बाहर आकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सकता है। मैं आशावादी हूँ, दृढ़ता से आशावादी हूँ।” गौरतलब है कि बीएनपी ने 2024 के आम चुनावों का बहिष्कार किया था और श्री रहमान पिछले साल देश लौटने से पहले निर्वासन में रह रहे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद नौ जनवरी को औपचारिक रूप से बीएनपी अध्यक्ष का पदभार संभाला था। श्री रहमान ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा, “बंगलादेश की आधी आबादी महिलाएं हैं। हम इस आधे हिस्से को पीछे छोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। अगर हम सरकार बनाने में सक्षम होते हैं, तो इंशा अल्लाह, हम पहले दिन से ही इस पर काम करना शुरू कर देंगे।” इससे पहले, एक फेसबुक पोस्ट में श्री रहमान ने नागरिकों से शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में मतदान करने और अपनी पसंद के उम्मीदवारों को चुनने का आग्रह किया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम और बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिन्होंने गुरुवार को अपने मत डाले। सभी राष्ट्रीय नेताओं ने नागरिकों से 13वें आम चुनाव और ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर जनमत संग्रह में सक्रियता और गंभीरता से भाग लेने का आग्रह किया।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने सुबह 10:25 बजे ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज केंद्र में अपना मत डाला। देश भर के 299 निर्वाचन क्षेत्रों में एक साथ सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम 4:30 बजे तक चलेगा। बंगलादेश के चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू हो जाएगी तथा आधिकारिक परिणाम 13 फरवरी की सुबह आने की उम्मीद है। बंगलादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने ढाका के मोनिपुर हाई स्कूल और कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना मत डाला। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव परिणामों को तभी स्वीकार करेगी जब मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया गया हो।श्री शफीकुर रहमान ने कहा, “अगर मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होता है, तो हम परिणाम स्वीकार करेंगे। दूसरों को भी जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए।” उन्होंने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि जनता की इच्छा का सम्मान करना लोकतंत्र के लिए मौलिक है। जमात के नेता ने कहा कि वह 2014, 2018 और 2024 के चुनावों में वोट नहीं डाल पाए थे क्योंकि उस समय वह जेल में थे। उन्होंने कहा, “लगातार तीन चुनाव चूकने के बाद, अल्हम्दुलिल्लाह, अल्लाह ने हमें आज वोट देने का मौका दिया है।” श्री शफीकुर रहमान ने चुनावी प्रक्रिया में तटस्थता का आह्वान किया और मीडिया संस्थानों से जिम्मेदारी से रिपोर्ट करने का आग्रह किया। जमात के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी उनकी बात दोहराई और कहा कि प्रक्रिया की विश्वसनीयता जीत से अधिक महत्वपूर्ण है। बंगलादेश में लगभग 12.7 करोड़ पात्र मतदाता छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के 18 महीने बाद गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव में अपना वोट डाल रहे हैं। इन चुनावों को बंगलादेश के हालिया इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके परिणाम वर्षों की अशांति और अस्थिरता के बाद देश की राजनीतिक दिशा निर्धारित कर सकते हैं।
चुनावों में कुल 51 राजनीतिक दल भाग ले रहे हैं, जिनमें जातीय पार्टी के गुट, वाम लोकतांत्रिक गठबंधन (लेफ्ट डेमोक्रेटिक अलायंस) और अमर बंगलादेश पार्टी जैसे छोटे दल शामिल हैं। चुनाव लड़ रहे कुल 1,981 उम्मीदवारों में से 249 निर्दलीय हैं। संसदीय चुनावों के अलावा, मतदाता देशव्यापी जनमत संग्रह में राष्ट्रीय चार्टर 2025 पर भी फैसला करेंगे। अंतरिम सरकार द्वारा तैयार किए गए इस 84-सूत्रीय सुधार पैकेज का उद्देश्य भविष्य के शासन का मार्गदर्शन करना और बंगलादेश में संस्थागत सुधारों को मजबूत करना है। ‘कम्युनिकेशन रिसर्च फाउंडेशन’ और ‘बंगलादेश इलेक्शन एंड पब्लिक ओपिनियन स्टडीज’ द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, भ्रष्टाचार मतदाताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। बंगलादेश लगातार ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ के ‘करप्शन परसेप्शन इंडेक्स’ में निचले स्थान पर रहा है। अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों में मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और आर्थिक विकास शामिल हैं।
