नयी दिल्ली, 12 फरवरी (वार्ता) दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में खुद को हिमांशु भाऊ गिरोह का सदस्य बताकर लगभग 10 करोड़ रुपये की संपत्ति की उगाही करने के आरोप में 32 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी। उन्होंने बताया कि आरोपी विकास नरेला के बैंकर गांव का रहने वाला है और उसे जिले के ऑटो चोरी विरोधी दस्ते (एएटीएस) ने चार फरवरी को गिरफ्तार किया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर पश्चिम) भीष्म सिंह ने कहा, “उसने खुद को एक गिरोह का सदस्य बताकर शिकायतकर्ता को धमकाया ताकि उससे रोहिणी के सेक्टर 23 में स्थित एक भूखंड का स्वामित्व हस्तांतरित करवा सके।” यह मामला तब सामने आया जब अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने 26 नवंबर, 2025 को पुलिस से संपर्क किया और आरोप लगाया कि उसे हिमांशु भाऊ गिरोह का सदस्य होने का दावा करने वाले एक अज्ञात कॉलर से अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल द्वारा बार-बार धमकियां मिल रही थीं।
पुलिस के अनुसार फोन करने वाले ने कथित रूप से उस संपत्ति के हस्तांतरण की मांग की जिसे गुप्ता की पत्नी और साली ने जून 2022 में खरीदा था। अशोक विहार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसी संपत्ति को लेकर एक अलग स्वामित्व विवाद पहले से ही बेगमपुर पुलिस थाने में दर्ज था, जिससे पता चलता है कि आरोपी ने आपराधिक लाभ प्राप्त करने के लिए नागरिक विवाद का फायदा उठाने की कोशिश की।जांचकर्ताओं ने विकास का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया और बाद में उसे पकड़ लिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया, “पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि अन्य तरीकों से संपत्ति हासिल करने में विफल रहने के बाद उसने नितिन डबास सहित अपने साथियों के साथ मिलकर किराए के फर्जी लोगों के माध्यम से धमकियां देने की साजिश रची।” पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किया गया आईफोन बरामद कर उसे जब्त कर लिया है। अन्य सह-आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच चल रही है।

