छतरपुर: केन–बेतवा लिंक परियोजना के महत्वपूर्ण घटक लेफ्ट बैंक कैनाल (एलबीसी) को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब 7000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना के माध्यम से छतरपुर जिले की लगभग 1.40 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इसके साथ ही जिले के लिए प्रस्तावित पांच अन्य पंप हाउस परियोजनाओं के पूरा होने पर कुल 3.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आ जाएगा, जिससे जिले की करीब 80 प्रतिशत कृषि भूमि लाभान्वित होगी।
परियोजना के तहत राजनगर क्षेत्र के कांवर गांव में मुख्य पंप हाउस बनाया जाएगा, जो ढोडन बांध की टनल से जुड़ा रहेगा। लिफ्ट इरीगेशन प्रणाली पर आधारित इस योजना के अंतर्गत तीन मुख्य पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी, जिनसे उर्मिल डेम, सिंहपुर बैराज और कुटने डेम तक पानी पहुंचाया जाएगा।इन पाइपलाइनों के माध्यम से राजनगर, महाराजपुर, लवकुशनगर और चंदला तहसील के 300 से अधिक गांवों के किसानों के खेतों तक सीधे पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों गौरिहार और चंदला के गांव भी इस योजना से लाभान्वित होंगे।पानी की बर्बादी रोकने के लिए खेतों तक पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जाएगा तथा आपूर्ति और मांग की निगरानी स्काडा प्रणाली से की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई की स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
