सतना : किसी के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाना उस वक्त सैकड़ों लोगों की मुसीबत का सबब बन गया जब शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली रीवा रोड जबरदस्त जाम की चपेट में आ गई. इस दौरान जहां घंटों तक वाहन रेंगते रहने को मजबूर रहे वहीं दूसरी ओर कुछ एंबुलेंस भी फंस कर रह गईं.भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर बुधवार को मैहर और सतना भ्रमण पर आए थे. मैहर पहुंचने पर उनका जगह जगह भव्य स्वागत हुआ.
जिसके बाद शाम को वे सतना पहुंचे. हलांकि सतना शहर में प्रवेश करने से पहले ही जगह जगह उनके स्वागत का क्रम आरंभ हो गया था. लेकिन सतना शहर में प्रवेश करने पर यह सिलसिला काफी व्यापक स्तर तक पहुंचता नजर आने लगा. भरहुत नगर स्थित भाजपा कार्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होने के बाद उनका लंबा चौड़ा काफिला भरहुत नगर से सिविल लाइन चौक की ओर आने लगा. इस दौरान 3-4 स्थानों पर मंच बनाकर उनके स्वागत की तैयारी की गई थी.
मंच पर प्रकाश व्यवस्था के साथ डीजे भी लगा हुआ था. लेकिन उनके लंबे चौड़े काफिले के गुजरन और जगह जगह स्वागत उस वक्त सीधे तौर पर आमजन को प्रभावित करने लगा जब रीवा रोड का यातायात पूरी तरह रुक गया. आलम यह रहा कि ओवर ब्रिज से लेकर सर्किट हाउस और बस स्टैण्ड तक के मार्ग पर सैकड़ों वाहन जहां के तहां खड़े हो गए. कहने के लिए चौराहे सहित मार्ग पर पुलिस और यातायात अमला भी मौजूद था.
लेकिन उनकी भूमिका महज मूक दर्शक बनकर तमाशा देखने तक सीमित नजर आ रही थी. हलांकि स्वागत-सत्कार के बाद भारी भरकम काफिला रवाना हो गया. लेकिन इस दौरान शुरु हुए जाम का असर घंटों तक बना रहा. सैकड़ों वाहन रेंगने को मजबूर रहे. इसके साथ ही मरीजों को लेकर आ रही कुछ एंबुलेंस भी जाम में बुरी तरह फंस कर रह गईं. वहीं राजनीति के जानकारों ने बताया कि जिला स्तर पर होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर अपनी-अपनी दावेदारी जताने के लिए ही यह स्वागत-सत्कार की कवायद की जा रही है.
क्रेन से हटवाए गए डिवाइडर
आमजन को हर वक्त नियम कायदों का पाठ पढ़ाते नजर आने वाले यातायात और नगर निगम के जिम्मेदार सत्ता के खुलेआम दुरुपयोग के मामले में मूक दर्शक बने नजर आए. सर्किट हाउस चौराहे जैसे अति महत्वपूर्ण स्थान पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को क्रेन के जरिए वहां पर रखे डिवाइडर हटा दिए गए. लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने उस ओर झांकने तक ही जहमत नहीं उठाई. इतना ही नहीं काफिले में कई वाहन ऐसे भी शामिल नजर आए जिनमें जहां नंबर प्लेट नदारद थी, वहीं अपारदर्शी गहरी काली फिल्म चढ़ी हुई थी. लेकिन जाम में फंसे आमजन को घुडक़ी देने में मशगूल पुलिस और यातायात कर्मियों को भला यह सब कैसे दिखाई देता
