रायपुर, 11 फरवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को एक पत्र जारी कर 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल (भारत बंद) के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है। पीसीसी के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू ने सभी जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि वे इस बंद को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
देश की दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर 12 फरवरी को देशभर में यह भारत बंद रखा गया है। इसे विभिन्न किसान संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह हड़ताल केंद्र की भाजपा नीत सरकार की श्रम विरोधी नीतियों और आर्थिक सुधारों के खिलाफ है।
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कोडों ने मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर किया है। इन कानूनों से श्रमिकों को मिलने वाली कानूनी संरक्षण समाप्त हो गई है, जबकि नियोक्ताओं को कर्मचारियों को हायर और फायर करने की असीम छूट मिल गई है। पार्टी का मानना है कि इससे मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा प्रहार हुआ है।
गौरतलब है कि इन श्रम कानूनों के अलावा सरकार की आर्थिक नीतियों को भी इस बंद के मुख्य कारणों के रूप में रेखांकित किया गया है। किसान संगठनों द्वारा दिए गए समर्थन को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार की नीतियों को लेकर व्यापक असंतोष है।
पीसीसी द्वारा जारी पत्र में सभी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों से अपील की गई है कि वे 12 फरवरी को मजदूरों और किसानों के इस लोकतांत्रिक आंदोलन में मजबूती से खड़े हों। पार्टी ने इसे न्याय, सम्मान और संतुलित आर्थिक नीतियों की लड़ाई करार दिया है।
पत्र की प्रतियां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, एआईसीसी महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों एवं पदाधिकारियों को सूचनार्थ भेजी गई हैं।
