नयी दिल्ली, (वार्ता) डेयरी उद्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल देने तथा इस उद्योग से जुड़े ज्वलंत विषयों पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय राजधानी में तीन दिन के 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन 12 फरवरी को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान करेंगे।
आयोजकों की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इंडियन डेयरी एसोसिएशन (उत्तर क्षेत्र) और इसकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश शाखा के प्रयास से यह आयोजन 12 से 14 फरवरी को यशोभूमि सम्मेलन केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान भारत में तेजी से बढ़ते डेयरी क्षेत्र में उभरते हुए बड़े व्यावसायिक अवसरों को भी दिखाया जायेगा।
पहले दिन 12 फरवरी को सुबह 10 बजे सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में श्री पासवान मुख्य अतिथि होंगे।
यह आयोजन देश भर के डेयरी उत्पादकों और हितधारकों को अपने कारोबार के लिए नयी प्रौद्योगिकियों, नवाचार, गुणवत्ता सुधार के उपायों को देखने-सुनने और आय में स्वस्थ वृद्धि की संभावनाओं के साथ जुड़ने के मौके देगी।
देश में डेयरी उद्योग के साथ आठ करोड़ किसानों के हित जुड़े हैं। यह उद्योग भारतीय दुग्ध उत्पादों के वैश्विक बाजार में पहुंचने के साथ कारोबार में वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों में दखल रखने की उम्मीद करता है। दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक के तौर पर भारत विश्व में दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान देता है, और 2047 तक इसके 45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
भारत का यह सम्मेलन दुनिया भर में सबसे बड़े और सबसे प्रभावी सम्मेलनों में गिना जाने लगा है। देश में 2024-25 के दौरान कुल दुग्ध उत्पादन 24.8 करोड़ टन था जो 2023-24 के 23.9 करोड़ टन की तुलना में 3.58 प्रतिशत ज्यादा था। देश में दूध की प्रति व्यक्ति खपत 2014-15 में 319 ग्राम प्रति दिन थी जो बढ़कर 2024-25 में 485 ग्राम प्रति दिन हो गई है। दुनिया में यह औसत 2023-24 में लगभग 322 ग्राम प्रति दिन था।
