उपेक्षा का शिकार होता जा रहा ऐतिहासिक रानीदुर्गावती किला

जबलपुर: गोंडवाना साम्राज्य की शौर्य गाथा को समेटने वाला रानी दुर्गावती का ऐतिहासिक किला वर्तमान समय में उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है। बावजूद इसके जबलपुर में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का निवास है। जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग की अनदेखी, लापरवाही के चलते रानी दुर्गावती किला स्थल दिनों-दिन अपनी चमक तो खो ही रहा है साथ ही बुनियादी सुविधाओं के लिए भी मोहताज नजर आ रहा है।

पर्यटक, जानकार अब ये कहने लगे हैं कि यदि समय रहते प्रशासन और जनप्रतिधियों, मंत्री ने रानी दुर्गावती किले के जीर्णोद्धार के लिए कदम नहीं उठाए तो वो दिन दूर नहीं जब ये ऐतिहासिक किला खंडहर में तब्दील हो जाए। वर्तमान परिदृश्य की माने तो अभी किले में अंधेरा और सुरक्षा का अभाव स्पष्ट नजर आ रहा है।
कुछ इस तरह कीं हैं समस्याएं-
–पाइपलाइन होने के बाद भी टंकियां पानी को मोहताज।
–अंधेरा होते ही असामाजिक तत्वों का डेरा लगने लगता है।
–किले के नीचे से लेकर ऊपर तक सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं।
–टंकियों के टूटे पड़े नल।
–किले की ऐतिहासिक महत्ता बताने वाले शिलालेख टूट चुके हैं।
–किले परिसर में कही भी छायादार वृक्ष नहीं हैं जिससे कि गर्मी में पर्यटक इसके नीचे बैठ सकें।
— पहाड़ी से लेकर किले तक केवल एक गार्ड तैनात है, जो इतने बड़े परिसर की निगरानी करने में असमर्थ है।
पैदल चलते चलते पानी की सबसे ज्यादा लगी कमी
रविवार को अपने परिवार के साथ रानी दुर्गावती किलो घूमने गए राकेश श्रीवास्तव, माया चंदेल, राहुल बर्मन सहित कुछ अन्य पर्यटकों ने नवभारत से चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें पहाड़ी पर स्थित रानी दुर्गावती के किले तक पहुंचने के बीच में पानी की सबसे ज्यादा समस्या हुई। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन ने किले तक पानी की पाइपलाइन तो बिछा दी है लेकिन आज तक टंकियों तक पानी नहीं पहुंच पाया।

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