जबलपुर: मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष गोमांस को लेकर पिछले दिनों चर्चित हुए राजधानी भोपाल स्थित लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित स्लाटर हाउस के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से अवगत कराया गया कि स्लाटर हाउस को सील कर दिया गया है। युगलपीठ ने उक्त जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को नियत कर दी। इसके साथ ही जनहित याचिकाकर्ता यह स्वतंत्रता दी है कि यदि मामले के विचाराधीन रहने के दौरान स्लाटर हाउस के ताले खुले, तो अर्जेंट हियरिंग का आवेदन दायर किया जा सकता है।
यह जनहित का मामला दयोदय महासंघ भोपाल के अशोक कुमार जैन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश जैन गोहिल और जन जागृति समिति के रंधीर कुमार पटेल की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से कहा गया कि भोपाल के जिन्सी क्षेत्र में मैदा मिल रोड पर में लाइव स्टॉक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्लाटर हाउस का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ा रहा है बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
यही नहीं स्लाटर हाउस से निकलने वाला गंदा पानी और वायु प्रदूषण आसपास के जल स्रोतों और वायु गुणवत्ता को दूषित कर रहा है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच के बाद हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। जिससे स्पष्ट हुआ था कि स्लाटर हाउस में बाउंड्री का होना आवश्यक है। साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगने चाहिए। भविष्य में इस स्लाटर हाउस को कहीं और शिफ्ट करना भी जरूरी होगा। इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने पीसीबी द्वारा बताई गईं कमियों को पूरा करने के निर्देश स्लाटर हाउस संचालक कंपनी को दे दिए।
