
जबलपुर। लांजी विधानसभा से भाजपा विधायक राज कुमार कर्राहे की निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान विधायक की तरफ से दायर आवेदन में बताया गया कि याचिकाकर्ता को आपराधिक प्रकरण में पांच साल के लिए न्यायालय ने दंडित किया है। चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होने के बावजूद भी वह निर्वाचन को चुनौती दें रहा है। हाईकोर्ट जस्टिस डी डी बसंल की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। विस्तृत आदेश प्रतिक्षित है।
बालाघाट निवासी पूर्व विधायक किशोर समरीते ने लांजी विधानसभा से विधायक राज कुमार कर्राह के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में अनावेदक विधायक पर चुनाव के दौरान भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाते हुए उनका निर्वाचन को शून्य घोषित किया जाने की राहत चाही गयी थी। अनावेदक लांजी विधायक की तरफ से हाईकोर्ट में सीआरपीसी की धारा 7 11 के तहत आवेदन दायर करते हुए याचिका की सुनवाई पर आपत्ति पेश की थी। जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता को आपराधिक प्रकरण में न्यायालय ने पांच साल के लिए सजा से दंडित किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उक्त सजा पर निलंबित किया है। सजा रद्द नहीं होने के कारण उनका नामांकन निरस्त किया गया था। सजा के दंडित व्यक्ति जनता द्वारा चयनित विधायक के निर्वाचन पर सवाल नहीं उठा सकता है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। अनावेदक विधायक की तरफ से अधिवक्ता ज्ञानेन्द्र सिंह बघेल तथा अच्युतेन्द्र सिंह बघेल ने पैरवी की।
