नयी दिल्ली 09 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को यहां “साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और उसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य भाषण देंगे। इस अवसर पर गृह मंत्री केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अधिकारियों के लिए एक अलंकरण समारोह की अध्यक्षता भी करेंगे तथा उसकी नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन करेंगे और गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई 4 सी) के एस 4सी डैशबोर्ड का शुभारंभ करेंगे।
दो दिन के इस सम्मेलन का आयोजन सीबीआई द्वारा आई 4 सी के सहयोग से किया जा रहा है।
सीबीआई वर्ष 2000 से साइबर अपराधों की जांच कर रही है और वर्ष 2022 में साइबर अपराध जांच प्रभाग की स्थापना कर अपनी क्षमताओं को और उसने सुदृढ़ किया है। यह केंद्र सरकार और उसके कार्यालयों को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है तथा साइबर-निर्भर अपराधों और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी—दोनों से जुड़े मामलों को संभालती है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है जब भारत के तीव्र डिजिटल परिवर्तन ने बैंकिंग, शासन और संचार तक पहुंच को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाया है, वहीं इसके साथ नई कमजोरियाँ भी उत्पन्न हुई हैं, जिनका संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है।
सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी के पैमाने, रुझानों और इसके बदलते स्वरूप की साझा समझ विकसित करना, साइबर धोखाधड़ी के इकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों का परीक्षण करना—वित्तीय स्तंभ (म्यूल खाते और धन शोधन), दूरसंचार स्तंभ (सिम/ई-सिम और डिजिटल अवसंरचना का दुरुपयोग) तथा मानवीय स्तंभ (साइबर दासता और स्कैम परिसरों में मानव तस्करी), कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म्स के बीच अंतर-एजेंसी एवं सार्वजनिक–निजी सहयोग को सुदृढ़ करना, सीमित मानव संसाधनों के साथ जांच को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग की संभावनाओं का अन्वेषण करना तथा धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग, वास्तविक समय में धन की ट्रैकिंग, समय पर साक्ष्य संरक्षण और बेहतर पीड़ित संरक्षण के तंत्रों में सुधार करना।
