
दुबई। आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित मुकाबले को लेकर अनिश्चितता के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सामने कुछ अहम शर्तें रख दी हैं। इन मांगों के सामने आने के बाद टूर्नामेंट के इस सबसे चर्चित मैच पर खेल से ज्यादा प्रशासनिक और कूटनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक PCB ने सबसे पहले टूर्नामेंट की कमाई में अपने हिस्से को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। बोर्ड का कहना है कि विश्व कप से होने वाले कुल राजस्व में पाकिस्तान को अधिक और समान न्यायसंगत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, विशेषकर उन मुकाबलों के संदर्भ में जिनसे भारी आर्थिक लाभ होता है, जैसे भारत-पाक मैच। इसे आर्थिक संतुलन और बोर्ड की हिस्सेदारी से जुड़े अधिकार के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके अलावा PCB ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज दोबारा शुरू कराने की मांग भी रखी है। बोर्ड का तर्क है कि आईसीसी को मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए। गौरतलब है कि राजनीतिक तनाव के चलते वर्ष 2013 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई आधिकारिक द्विपक्षीय सीरीज आयोजित नहीं हुई है, जिससे क्रिकेटीय रिश्तों में लंबा ठहराव बना हुआ है।
तीसरी प्रमुख शर्त खेल भावना से जुड़ी बताई जा रही है। PCB चाहता है कि मैदान पर स्पिरिट ऑफ क्रिकेट के तहत पारंपरिक हैंडशेक और आपसी सम्मान के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए। हाल के कुछ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों के बीच औपचारिक अभिवादन को लेकर उठे विवादों के बाद बोर्ड इस पहलू को प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण मान रहा है।
अब नजर आईसीसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया और सदस्य बोर्डों की सहमति पर टिकी है, जो तय करेगी कि भारत-पाक का बहुप्रतीक्षित मुकाबला बिना शर्त खेला जाएगा या फिर शर्तों की सियासत के बीच उलझा रहेगा। उधर, आज ही पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस मसले पर आज की पाक पीएम शाहबाज शरीफ से मिलने वाले हैं,उसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पर पाकिस्तान यू टर्न लेता है,या नहीं।
