सतना : वाराणसी से कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच अचानक उस वक्त दहशत फैल गई जब एक युवक ने टॉयलेट में चीखने-चिल्लाने के साथ तोडफ़ोड़ शुरु कर दी. ट्रेन के सतना पहुंचने पर आरपीएफ अमले ने टॉयलेट का दरवाजा तोडक़र युवक को बाहर निकाला. बताया गया कि फोबिया से ग्रस्त युवक को अचानक अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, जिसके चलते घबराहट में उसने ऐसा कदम उठाया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार वाराणसी से कोयंबटूर की ओर जा रही 06006 स्पेशल ट्रेन के एस 4 कोच में एक युवक यात्रा कर रहा था. युवक कुछ देर तक तो सामान्य यात्री के तौर पर ट्रेन में मौजूद रहा. लेकिन कुछ समय बाद उसकी बेचैनी बढऩे लगी. बताया गया कि कुछ देर बाद ही युवक अजीब सी हकरतें करने लगा और भागते हुए टॉयलेट की ओर गया. युवक ने टॉयलेट में स्वयं को बंद कर लिया और जो-जोर से चीखने-चिल्लाने लगा.
जिसे सुनकर वहां पर मौजूद यात्रियों के बीच दहशत फैलने लगी. इतना ही नहीं बल्कि टॉयलेट में बंद युवक ने वहां पर बुरी तरह तोडफ़ोड़ भी शुरु कर दी. चीखने के साथ ही तोडफ़ोड़ की आवाज को सुनकर दहशत में आए यात्रियों ने घटना की शिकायत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर में कर दी. जिसके चलते सतना रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ स्टॉफ पहले से ही मुस्तैद हो चुका था.
ट्रेन के सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही आरपीएफ अमला सीधे एस4 कोच के टॉयलेट के दरवाजे पर पहुंच गया. कुछ देर तक समझाने के बावजूद भी जब युवक ने दरवाजा नहीं खोला तो आरपीएफ ने किसी तरह दरवाजा तोडक़र युवक को बाहर निकाला. बाहर निकाले जाने पर भी युवक बुरी तरह चीख रहा था. जिसके चलते उसे नियंत्रित करने में आरपीएफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. किसी तरह युवक को ट्रेन से उताकर प्लेटफार्म पर लाया गया.
परिजनों को दी सूचना
आरपीएफ द्वारा की गई पूछताछ में युवक की पहचान वाराणसी निवासी संदीप चौधरी के तौर पर हुई. संदीप वाराणसी से नागपुर तक की यात्रा कर रहा था. लेकिन इसके लिए उसके पास कोई वैध टिकट भी नहीं था. लिहाजा बिना टिकट यात्रा करने और ट्रेन के टॉयलेट में कांच-खिडक़ी सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त करने के चलते उसके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई. पूछताछ में युवक ने बताया कि वह फोबिया जैसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त है. ट्रेन में यात्रा के दौरान अचानक उसे अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा. घबराहट के कारण उसने तोडफ़ोड़ शुरु कर दी. आरपीएफ द्वारा सूचना देकर परिजनों को बुला लिया गया. जिनकी मौजूदगी में आगे की कार्रवाई की गई.
