
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रस्तावित भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी संयुक्त बयान पर गंभीर आपत्ति जताई है और इसके भारतीय किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर सवाल उठाए हैं।
भोपाल में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठकों और बयानों के माध्यम से किसानों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक समझौते से जुड़े अहम तथ्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्पाद-वार टैरिफ संरचना, नॉन-टैरिफ बैरियर की शर्तें और आधिकारिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट सामने नहीं लाई गई है। “किसानों को भाषण नहीं, बल्कि तथ्य और लिखित गारंटी चाहिए,” उन्होंने कहा।
श्री पटवारी ने भारतीय और अमेरिकी कृषि व्यवस्था के बीच भारी असमानता की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में औसत जोत 440 से 450 एकड़ है, जबकि भारत में यह मात्र 2 से 2.5 एकड़ है। अमेरिका में जहां केवल 1–2 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, वहीं भारत में बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि से जुड़ी हुई है, जिससे खुली प्रतिस्पर्धा असमान हो जाती है।
उन्होंने अमेरिका में ‘फार्म बिल’ जैसे कार्यक्रमों के तहत दी जाने वाली भारी सब्सिडी का उल्लेख करते हुए कहा कि टैरिफ घटाने या नॉन-टैरिफ बाधाएं कम करने से सब्सिडी-समर्थित अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में भर जाएंगे। इससे विशेष रूप से मध्य प्रदेश के मक्का और सोयाबीन उत्पादक किसानों को नुकसान होगा।
पटवारी ने एमएसपी व्यवस्था की सुरक्षा और आयात से किसानों की आय प्रभावित न होने की लिखित गारंटी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता के बिना यह ट्रेड डील अंतिम रूप लेती है, तो मध्य प्रदेश भर के किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
